चीता लेने ‘Cheetah’ बनकर नामीबिया रवाना हुआ विमान, जन्मदिन पर नेशनल पार्क में छोड़ेंगे पीएम मोदी

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नई दिल्ली: मध्य प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर एक खास प्लान बना रही हैं। दरअसल, पीएम मोदी के जन्मदिन पर मध्य प्रदेश के कुनो-पालपुर नेशनल पार्क (केपीएनपी) में 8 चीते छोड़े जाेंएंगे, जिन्हें नामीबिया से भारत लाया जा रहा है। चीते लेने के लिए भारत से खास प्लेन भी रवाना हो चुका है।

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यह 2 बाड़े हैं जहां प्रधानमंत्री जी चीतों को छोड़ेंगे। जिनमें वह चीते को क्वारन्टीन रहेंगे और बाद में उन्हें बड़े बाड़े में छोड़ा जाएगा। आवश्यक सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। भारत सरकार और मध्यप्रदेश सरकार के अधिकारी पूरे समर्पण के साथ प्राणपण से इस काम में लगे हुए हैं।

Shivraj Singh Chouhan (@chouhanshivraj) 11 Sep 2022

दरअसल, नाबीमिया से पांच मादा और चार नर चीते लेने के लिए चीते की शक्ल का विमान भी भारत से रवाना हो चुका है, जिन्हें अफ्रीका के नामीबिया से जयपुर लाया जाएगा और फिर वहां से एमपी भेज दिया जाएगा। चीतों को भारत लाना के बाद वन्य अभ्यारण में रखा जाएगा और फिर 17 सितंबर को पार्क में छोड़ा जाएगा। पीएम मोदी अपने जन्मदिन पर खुद कूनो राष्ट्रीय उद्यान में इन चीतों की अगवानी करेंगे। इस कार्यक्रम के दौरान उनके साथ केंद्रीय वन मंत्री और मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद रहेंगे।

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17 सितंबर मध्यप्रदेश के लिए ऐतिहासिक दिन है, इस माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी पधार रहे हैं। चीता जो न केवल भारत बल्कि एशिया महाद्वीप से विलुप्त हो गया था अब यहां उनका पुनर्स्थापन होगा। माननीय प्रधानमंत्री जी यह मानते हैं कि यह धरती सब के लिए है। पर्यावरण और वन कर्मियों की सुरक्षा उनके मिशन का एक अंग रहा है। चीतों को फिर से लाकर भारत में मध्यप्रदेश के पालपुर-कूनो अभ्यारण में बसाना उसी मिशन का एक भाग है।

Shivraj Singh Chouhan (@chouhanshivraj) 11 Sep 2022

गौरतलब है कि भारत में कई साल पहले ही चीते की प्रजाति को विलुप्त घोषित कर दिया गया था। साल 2009 से अफ्रीका से भारत में चीते लाने की कवायद शुरू की गई थी. इसे ‘अफ्रीकन चीता इंट्रोडक्शन प्रोजेक्ट इन इंडिया’ नाम दिया गया था. इस कवायद ने मोदी सरकार के आने के बाद गति पकड़ी। नामीबिया के साथ इस साल 20 जुलाई को एक करार किया गया। अब नामीबिया चीता प्रतिस्थापन कार्यक्रम को शुरू करने के लिए 8 चीते भारत भेज रहा है।