छठी चीन-रूस-मंगोलिया शिखर भेंटवार्ता हुई

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15 सितंबर के तीसरे पहर उज़्बेकिस्तान के समरकंद के स्टेट गेस्ट हॉल में छठी चीन-रूस-मंगोलिया शिखर भेंटवार्ता आयोजित हुई। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और मंगोलिया के राष्ट्रपति उखनागीं खुरेल्सुहो ने वार्ता में हिस्सा लिया। शी चिनफिंग ने बताया कि चीन-रूस-मंगोलिया त्रिपक्षीय सहयोग की बहुत मजबूत निहित शक्ति है। महामारी के प्रकोप के बावजूद तीनों देशों के बीच सहयोग नहीं रुका है। तीन देशों के सहयोग के बारे में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने चार सुझाव पेश किये। पहला, त्रिपक्षीय सहयोग की सही दिशा को अच्छी तरह पकड़कर राजनीतिक आपसी विश्वास को गहरा करें, एक-दूसरे के केंद्रीय हितों का सम्मान कर अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मामलों में समन्वय और सहयोग मजबूत करें।

दूसरा, शांगहाई सहयोग संगठन के ढांचे में सहयोग को उन्नत कर जोखिम की चुनौती का निपटारा करने के सहयोग प्लेटफार्म की रचना करें। तीसरा, चीन-मंगोलिया-रूस आर्थिक गलियारे के निर्माण को आगे बढ़ाएं और आर्थिक, व्यापारिक, सांस्कृतिक आदि क्षेत्रों के सहयोग को निरंतर आगे विकसित करें। चौथा, चीन रूस और मंगोलिया की और ज्यादा वित्तीय संस्थाओं के आरएमबी की सीमापार भुगतान व्यवस्था में भाग लेने का स्वागत करता है, ताकि क्षेत्रीय वित्तीय सुरक्षा अवरोध बनाया जा सके। वार्ता में पुतिन ने कहा कि रूस-चीन-मंगोलिया के सहयोग की उल्लेखनीय उपलब्धियां मिली हैं। तीनों देश पड़ोसी देश हैं, तीनों को आपसी समझ मजबूत करनी चाहिए और एक दूसरे का समर्थन करना चाहिए। 

मंगोलिया के राष्ट्रपति उखनागीं खुरेल्सुहो ने कहा कि चीन और रूस के साथ अच्छे पड़ोसी जैसे देशों के मैत्रीपूर्ण सहयोग को विकसित करना मंगोलिया की कूटनीति की प्राथमिकता है। हालिया जटिल अंतर्राष्ट्रीय परिस्थिति में तीनों के बीच सहयोग अति महत्वपूर्ण है। तीनों नेताओं ने चीन-मंगोलिया-रूस आर्थिक गलियारे के निर्माण के कार्यक्रम को और 5 साल के लिए बढ़ाने पर सहमति प्राप्त की और यह निर्णय लिया कि तीनों पक्ष चीन-रूस प्राकृतिक गैस लाइन के मंगोलिया से गुजरने की परियोजना को आगे बढ़ाने पर विचार विमर्श करेंगे।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)