केंद्र ने SC को दी जानकारी, यूक्रेन से लौटे मेडीकल छात्रों का भारत में दाखिला कानूनन संभव नहीं

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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने यूक्रेन से लौटे मैडीकल छात्रों को भारत के कॉलेज में एडमिशन देने की मांग पर सुनवाई आज यानि 16 सितंबर तक के लिए टाल दी है। केंद्र सरकार ने अपने जवाब में कहा है कि ये छात्र या तो नीट में कम अंक के चलते वहां गए थे, या सस्ती पढ़ाई के लिए। अगर कम नीट स्कोर वाले छात्रों को समायोजित किया जाएगा तो पहले से पढ़ रहे स्टूडेंट्स आपत्ति कर सकते हैं। कम नीट स्कोर वाले यूक्रेन से लौटे स्टूडेंट्स को भारतीय कालेजों में एडमिशन देना देश की मेडीकल शिक्षा के मानक को प्रभावित करेगा। यूक्रेन से लौटे छात्रों का भारत में दाखिला कानूनन संभव नहीं है।

वहीं केंद्र सरकार ने कहा है कि ये छात्र यूक्रेन के कालेज से सहमति लेकर दूसरे देश में डिग्री पूरी करें। सुप्रीम कोर्ट को दिए हलफनामे में केंद्र ने कहा कि कॉमन नीट परीक्षा 2018 से आयोजित की जा रही है और केल 50 प्रतिशत से अधिक स्कोर हासिल करने वाले उम्मीदवार ही भारतीय चिकित्सा संस्थानों में प्रवेश लेने के पात्र हैं। केंद्र का कहना है कि छात्र नीट परीक्षा में खराब स्कोर या सस्ती फीस में पढ़ाई करने के लिए यूक्रेन के विश्वविद्यालयों में गए थे। बता दें कि यूक्रेन से लौटे मैडीकल स्टूडैंट्स को भारतीय यूनिवर्सिटी में एडमिशन देने की मांग पर कोर्ट में सुनवाई जारी है। सरकार इन छात्रों को दूसरे देशों से पढ़ाई पूरी करने की इजाजत देने के पक्ष में है मगर भारतीय कालेजों में एडमिशन देने में असहमति जता रही है। सुप्रीम कोर्ट जल्द इस मामले में कोई फैसला लेगी।