Rajasthan की पहली हस्तशिल्प नीति ‘MSME Day’ पर जारी करेंगे Chief Minister Ashok Gehlot

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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ‘एमएसएमई दिवस’ के अवसर पर शनिवार को राज्ज़्य की पहली हस्तशिल्प नीति और ‘राजस्थान एमएसएमई नीति-2022’ जारी करेंगे। कार्यक्रम में उद्यमियों और निर्यातकों को उद्योग रत्न और निर्यात प्रोत्साहन पुरस्कार भी दिए जाएंगे। आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार मुख्ज़्यमंत्री गहलोत जयपुर में एक कार्यक्रम में इन नीतियों को जारी करेंगे, साथ ही राजस्थान की हस्तकलाओं पर तैयार की गई कॉफी टेबल बुक ‘राजस्थानी कारीगरी’ का विमोचन भी करेंगे।

उद्योग मंत्री शकुंतला रावत ने बताया कि ‘राजस्थान हस्तशिल्प नीति-2022’ का उद्देश्य हस्तशिल्पियों के उत्थान के लिए बेहतर मार्केंटिग की व्यवस्था करना, परंपरागत कलाओं एवं विलुप्त होती कलाओं को पुनर्जीवित करना और रोजगार के नए अवसर सृजित करना है। इसमें बताया गया कि राज्य की प्रथम हस्तशिल्प नीति लागू होने से गलीचा, दरी, नमदा, सेरेमिक एवं क्ले आर्ट, पेंंटिग, लेदर क्राफ्ट, आभूषण आदि के दस्तकारों को लाभ होगा व हस्तशिल्प के क्षेत्र में आगामी पांच वर्षों में रोजगार के 50 हजार से अधिक नये अवसर उपलब्ध होंगे।

वहीं लघु व मध्ज़्यम उद्योग (एमएसएमई) की क्षमता का दोहन करने के लिए ‘राजस्थान सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) नीति-2022‘ भी जारी की जाएगी। राज्ज़्य में निर्यात संवर्धन के प्रोत्साहन के लिए 29 निर्यातकों को निर्यात प्रोत्साहन अवार्ड और विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के वाले 13 उद्यमियों को उद्योग रत्न अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा।