चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कजाखस्तान की राजकीय यात्रा की

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स्थानीय समयानुसार 14 सितंबर के दोपहर के बाद चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने विशेष विमान से नूर-सुल्तान पहुंचकर कजाखस्तान की राजकीय यात्रा शुरू की। दोनों देशों के नेताओं ने उसी दिन औपचारिक वार्ता की, और चीन व कजाखस्तान के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 30वीं वर्षगांठ पर संयुक्त बयान जारी किया। साथ ही चीन व कजाखस्तान के बीच पीढ़ी दर पीढ़ी मित्रता का विकास करने, उच्च स्तर पर आपसी विश्वास करने, और साझा नियति समुदाय का निर्माण करने का लक्ष्य व इच्छा पूरी करने के लिये कोशिश करने की घोषणा भी की गयी।

शी चिनफिंग ने एक लिखित भाषण के जरिये चीन सरकार व चीनी जनता की ओर से कजाखस्तान सरकार व जनता को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि चीन और कजाखस्तान अच्छे पड़ोसी देश, अच्छे मित्र और अच्छे साझेदार हैं। दोनों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के बाद 30 वर्षों में दोनों देशों के संबंधों में छलांग लगाने वाला विकास हुआ है, जो स्थाई व्यापक रणनीतिक साझेदार संबंधों के स्तर पर पहुंच गया है।

कजाखस्तान के राष्ट्रपति कसीम-जोमार्ट तोकायेव ने शी चिनफिंग के स्वागत में एक रस्म आयोजित की। बाद में दोनों ने “कजाखस्तान-चीन मिलेनियम डायलॉग” कला प्रदर्शनी देखी। फिर दोनों देशों के नेताओं ने औपचारिक वार्ता की।

शी चिनफिंग ने कहा कि चीन व कजाखस्तान के संबंधों का विषय निरंतर रूप से समृद्ध हो रहा है। स्तर लगातार उन्नत हो रहा है, और प्राप्त उपलब्धियां भी दिन-ब-दिन समृद्ध हो रही हैं। चीन कजाखस्तान के प्रति संबंधों को बड़ा ध्यान देता है। दोनों के बीच मित्रता बहुत मजबूत है, जो विश्व में सकारात्मक शक्ति व प्रगति की शक्ति के विकास के लिये लाभदायक है, और मानव साझा नियति समुदाय के निर्माण के लिये भी लाभदायक है। चीन व कजाखस्तान के बीच सहयोग का आधार बहुत मजबूत है, निहित शक्ति भी बहुत बड़ी है। दोनों पक्षों को उच्च गुणवत्ता वाली बेल्ट एन्ड रोड परियोजना का निर्माण करना चाहिये, और अर्थव्यवस्था, व्यापार, उत्पादन क्षमता, आपसी संपर्क, महामारी की रोकथाम आदि क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करना चाहिये।

ठीक उसी दिन में दोनों देशों के संबंधित विभागों ने अर्थव्यवस्था, व्यापार, आपसी संपर्क, वित्त, जल संरक्षण, प्रेस व मीडिया आदि क्षेत्रों में कई द्विपक्षीय सहयोग दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किये। दोनों पक्षों ने यह फैसला किया कि शीआन और अकतोबे में महावाणिज्य दूतावास स्थापित किए जाएंगे।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)