विकास में कॉर्पोरेट का बड़ा योगदान, लेकिन निर्णय प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं : Gian Chand Gupta

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चंडीगढ़: हरियाणा विधान सभा के अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा है कि देश के विकास में कॉर्पोरेट्स जगत की भूमिका सराहनीय रही है, इसके बावजूद यहां सार्वजनिक हितों से जुड़ी निर्णय प्रक्रिया पूरी तरह से विधायी निकायों के हाथ में है। गुप्ता शुक्रवार को पुणे में आयोजित भारतीय छात्र संसद के दौरान ‘लोकतंत्र और कॉर्पोरेटोक्रेशी : शक्ति का स्रोत क्या’ विषय पर व्याख्यान दे रहे थे। उन्होंने इस दौरान देश भर से आए छात्र-छात्राओं की लोकतंत्र और कॉर्पोरेट्स से जुड़ी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। कार्यक्रम में देशभर के सांसद, विधायक और दूसरे जनप्रतिनिधि शामिल रहे। कार्यक्रम का आयोजन पुणे स्थित एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी की ओर से किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आजादी के 75 वर्ष बाद जब हम अपनी विकास यात्रा का आंकलन करते हैं तो पाते हैं हमने इस कालखंड में आदर्श लोकतांत्रिक व्यवस्थाएं विकसित की हैं। इसका परिणाम यह हुआ कि हम न केवल दुनिया के सबसे बड़े बल्कि सबसे प्रभावी और आदर्श लोकतंत्र के रूप में स्थापित हुए हैं। इन व्यवस्थाओं के तहत देश के विकास में कॉर्पोरेट्स का योगदान भी सुनिश्चित हो सका। आज सुई से लेकर आईएनएस विक्रांत जैसे युद्धपोत का देश में ही निर्माण संभव हो सका है। यह हमारे कॉर्पोरेट्स के योगदान से संभव हो सका है।

केंद्र और राज्य सरकारों ने कार्पोरेट्स का योगदान लेने के लिए काफी कारगर कदम उठाए हैं। कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीआरएस) इस दिशा में प्रभावी पहल है। इतना ही नहीं पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के आधार पर भी विकास के नए आयामों को गति दी जा रही है। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार में संसदीय कार्य मंत्री श्री. सुरेश कुमार खन्ना, देश के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त व पद्म भूषण से सम्मानित एन. गोपालस्वामी, राज्य सभा सदस्य संजय सिंह समेत देशभर से बड़ी संख्या में सांसद और विधायक शामिल रहे।

कार्यक्रम के बाद ज्ञान चंद गुप्ता राष्ट्रीय युवा विधायक सम्मेलन की सलाहकार परिषद की बैठक में भी शामिल हुए। इस परिषद में लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल, लोक सभा की पूर्व अध्यक्ष डॉ मीरा कुमार, लोक सभा की पूर्व अध्यक्ष पदम भूषण सुमित्रा महाजन समेत बड़ी संख्या में विधानसभा अध्यक्ष, विधान परिषदों के अध्यक्ष और कुछ पूर्व नौकरशाह शामिल हुए।