खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना वर्तमान और दीर्घकालिक दोनों लक्ष्य हों- चीन

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खाद्य सुरक्षा पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की खुली बैठक 15 सितंबर को आयोजित हुई। जिसमें यूएन स्थित चीन के उप स्थाई प्रतिनिधि ताई पिंग ने कहा कि खाद्य सुरक्षा न केवल स्थाई शांति और सुरक्षा को बखूबी अंजाम देने वाला महत्वपूर्ण कारक है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने मौजूद दीर्घकालिक चुनौती भी है। हमें शांत और व्यावहारिक रवैया अपनाते हुए वर्तमान स्थिति के आधार पर तत्काल समस्याओं का समाधान करना चाहिए, साथ ही दूरदृष्टि रखनी चाहिए, ताकि भूख को पूरी तरह से मिटाने वाले लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।  

ताई पिंग ने चार सूत्रीय सुझाव पेश किये। पहला, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को गर्म मुद्दों के राजनीतिक समाधान को सख्ती से बढ़ावा देना चाहिए, ताकि खाद्य सुरक्षा के लिए शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण बनाया जा सके। दूसरा, औद्योगिक श्रृंखला और आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता और निर्बाधता को सुनिश्चित करना चाहिए, प्रमुख कृषि संसाधनों का मुक्त और स्थिर प्रवाह सुनिश्चित करना चाहिए। तीसरा, संघर्ष वाले क्षेत्रों में लोगों की कठिनाइयों से निपटने में मदद करनी चाहिए। चौथा, सभी पहलुओं में खाद्य सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करना आवश्यक है। विभिन्न देशों को उनकी खाद्य आत्म-सुरक्षा क्षमताओं में सुधार करने में सहायता करनी चाहिए।

ताई पिंग ने कहा कि दुनिया में सबसे अधिक आबादी वाले देश के रूप में चीन ने दुनिया की 9 प्रतिशत से भी कम कृषि योग्य भूमि का उपयोग कर दुनिया की आबादी के लगभग 20 प्रतिशत लोगों के खाने के सवाल को हल किया, यह अपने आप में विश्व खाद्य सुरक्षा में एक बड़ा योगदान है। चीन विश्व के सभी देशों के साथ मिलकर वैश्विक खाद्य सुरक्षा की रक्षा करने के लिए ज्यादा योगदान देना चाहता है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)