हरियाणा में अगस्त तक साइबर अपराध की 37 हजार शिकायतें मिलीं, 15 हजार का निपटारा किया गया

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चंडीगढ़: हरियाणा में इस साल अगस्त तक साइबर अपराध से जुड़ी करीब 37,000 शिकायतें दर्ज की गईं और उनमें से 15,000 का निपटारा कर दिया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पंचकूला में 29 साइबर थानों के प्रभारी एवं साइबर अपराध के लिए उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) रैंक के सभी जिला नोडल अधिकारियों की बृहस्पतिवार को बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता राज्य के अतिरिक्त डीजीपी (अपराध) और साइबर अपराध के लिए राज्य नोडल अधिकारी ओपी सिंह ने की।

बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि इस साल अगस्त तक राज्य में हेल्पलाइन नंबर 1930, साइबर अपराध पोर्टल, 309 साइबर डेस्क और 29 साइबर पुलिस थानों पर साइबर अपराध से संबंधित 36,996 शिकायतें प्राप्त हुई थीं। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि उनमें से 20,000 से अधिक जांच की प्रक्रिया के अधीन हैं और लगभग 15,057 मामलों का निपटारा कर दिया गया है। एक बयान के अनुसार, राज्य अपराध शाखा के पानीपत और सोनीपत स्थित साइबर थाने, शिकायतों के अधिकतम प्रतिशत के निपटान में शीर्ष तीन इकाइयों में शामिल रहे।

सिंह ने कहा कि जांच पूरी करने वाले शीर्ष तीन जिलों में करनाल, सिरसा और भिवानी शामिल हैं। उन्होंने 100 में से 88 ऐसे मामलों की जांच का जिक्र किया जिनमें धोखाधड़ी की राशि पांच लाख रुपये से अधिक थी। उन्होंने ऐसे आठ मामलों के जांच अधिकारियों की सराहना की जिन्होंने सफलतापूर्वक इन मामलों को सुलझा लिया और 58 जालसाजों को गिरफ्तार किया। एडीजीपी ने उपस्थित अधिकारियों को केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा संचालित साइबर सेफ पोर्टल का अधिक से अधिक उपयोग करने और साइबर अपराध करने के लिए दुरुपयोग किए जाने वाले फोन नंबरों को अपलोड करने के लिए कहा ताकि इन्हें ‘ब्लॉक’ किया जा सके और इनके द्वारा किए गए लेनदेन के आंकड़े का अधिकारियों द्वारा उपयोग किया जा सके।

इस साल अगस्त तक इस तरह के 8,516 नंबर इस पोर्टल पर अपलोड किए जा चुके थे। गुरुग्राम, फरीदाबाद और रेवाड़ी उन शीर्ष तीन जिलों में शामिल हैं, जिन्होंने साइबर अपराध में शामिल फोन नंबरों को सबसे अधिक अपलोड किया। उन्होंने साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर आने वाली शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई करने और अगस्त तक लग•ाग 13 करोड़ रुपये की वसूली के लिए साइबर इकाइयों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि लोगों को हेल्पलाइन नंबर के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए ताकि वे साइबर धोखाधड़ी की तुरंत रिपोर्ट कर सकें और साइबर अपराधियों को खातों से पैसे निकालने से रोका जा सके।