NHRC अध्यक्ष न्यायमूर्ति Arun Mishra चुने गए APF गवर्नेंस कमेटी एवं GANHRI ब्यूरो के सदस्य

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नई दिल्ली : राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा को एपीएफ की 27वीं ऑनलाइन वार्षिक आम बैठक में एशिया प्रशांत मंच, एपीएफ गवर्नेंस कमेटी के सदस्य के साथ-साथ राष्ट्रीय मानव अधिकार संस्थानों के वैश्विक गठबंधन, गनहरी (GANHRI) ब्यूरो के सदस्य के रूप में भी चुना गया है।

आज मतदान से पहले, एशिया प्रशांत क्षेत्र के राष्ट्रीय मानव अधिकार संस्थानों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए, न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा कि वह संयुक्त प्रयासों में दृढ़ता से विश्वास करते हैं और कुशल रणनीतिक योजनाओं को लागू करने के लिए विश्व स्तर पर एक साथ काम करने के लिए बोर्ड को “वसुधैव कुटुम्बकम” की भावना यानी पूरी दुनिया हमारा परिवार है, में अधिकारों के दायरे और पहुंच के विस्तार के लिए संवैधानिक, मानवाधिकारों और कानूनी मुद्दों को शामिल करते हुए साथ लेकर चलते हैं।

एपीएफ गवर्नेंस कमेटी का चुनाव एपीएफ पार्षदों द्वारा किया जाता है, जो एशिया प्रशांत क्षेत्र में ‘ए स्टेटस’ राष्ट्रीय मानव अधिकार संस्थानों का प्रतिनिधित्व करते हैं। पांच सदस्यीय एपीएफ गवर्नेंस कमेटी की भूमिका मानव अधिकारों के संवर्धन और संरक्षण के लिए कई मुद्दों पर एपीएफ महासभा से विचार करना और सिफारिशें करना है।

गनहरी दुनिया भर में सबसे बड़े मानवाधिकार नेटवर्कों में से एक है। गनहरी ब्यूरो कार्यकारी समिति (निदेशक मंडल) में 16 सदस्य है, जिसमें अफ्रीका, अमेरिका, एशिया-प्रशांत और यूरोप के प्रत्येक गनहरी क्षेत्रीय नेटवर्क से 4 सदस्य शामिल होते हैं। यह संगठनात्मक नीतियों के विकास और कार्यक्रमों और गतिविधियों के कार्यान्वयन की प्रक्रियाओं सहित गनहरी के समग्र कार्यों के लिए जिम्मेदार है। महत्वपूर्ण रूप से, ब्यूरो सदस्यों की मान्यता पर निर्णय लेने के लिए जिम्मेदार है।