तिब्बत की एक सीमांत काउंटी की समृद्धि का राज

Spread the News

चीन के तिब्बत स्वायत्त प्रदेश के शाननान शहर की लुंगत्से काउंटी हिमालय के उत्तर में पहाड़ों के बीच बसी है, जो कि एक सीमांत क्षेत्र है। इधर के कुछ सालों में पठार विशिष्ट कृषि व्यवसाय के विकास और सीमांत क्षेत्र में सरकार के निवेश के विस्तार के साथ-साथ लुंगत्से काउंटी गुणवत्ता वाले विकास के रास्ते पर तेजी से चल रही है और स्थानीय किसान भी धनी बन चुके हैं।

समुद्र सतह से लुंगत्से काउंटी की औसत ऊंचाई 3800 मीटर से अधिक है ।यहां सूर्य के प्रकाश की अवधि लंबी होती है और हिंद महासागर से आने वाली गर्मी और नमी वायुप्रवाह से भी प्रभावित है। विशिष्ट जलवायु की स्थिति के कारण यह जगह काला पठारीय जौ के उगने का आदर्श स्थल है। लुंगत्से काउंटी के कृषि ब्यूरो के निदेशक रनत्सेनलाचुंग ने हाल ही में मीडिया के साथ हुई बातचीत में बताया कि काला पठारीय जौ हमारी काउंटी का विशिष्ट कृषि उत्पाद है, जिस की आक्सिडाज रिजिसटेंस मजबूत है और इसमें अनेक माइक्रो एलिमेंट और खाद्य फाइबर की भरमार है। आजकल लोग स्वस्थ खानपान का अनुसरण करने लगे हैं। इस रूझान के साथ काला पठारीय जौ बहुत लोकप्रिय हो रहा है।

बताया जाता है कि इधर के कुछ सालों में लुंगत्से काउंटी ने अपनी भौगोलिक स्थिति का लाभ उठाकर काला पठारीय जौ और उससे संबंधी व्यवसाय चेन के विकास पर बड़ा जोर लगाया। काले पठारीय जौ की उगाई का रकबा 13 हजार मू (एक मूल लगभग 666.67 वर्गमीटर ) से बढ़कर 30 हजार मू तक हो गया और प्रति मू की पैदावार 245 किलो से बढ़कर 280 किलो हो गयी। अब काला पठारीय जौ लुंगत्से काउंटी का स्वर्ण ब्रैंड बन चुका है। लुंगत्से काला पठारीय जौ और लुंगत्से काला त्सेंपा (तली हुई काला जौ) को राष्ट्रीय भौगोलिक चिन्ह वाले उत्पादों की सुरक्षा मिली है।

45 वर्षीय लोसांगतानतसेन लुंगत्से काउंटी के रे रोंग कस्बे के किसान हैं। उन्होंने वर्ष 2017 में एक कृषि व पशु उत्पाद सहकारी समिति स्थापित की, जो मुख्य तौर पर काला पठारीय जौ का प्रोसेसिंग करती है। वे आनलाइन मंच पर देश भर में काला त्सेंपा समेत 40 से अधिक स्थानीय विशेष उत्पाद बेचते हैं ।अब तक उन्होंने 16 लाख युआन (लगभग 1करोड़ 60 लाख रुपये) से अधिक आय प्राप्त की है। 200 से किसानों को उनकी सहकारी समिति से लाभ मिला है।

लोंगत्से काउंटी के चोंग शुए गांव के किसान तुंगचुवांगच्ये ने बताया कि पिछले साल उन्होंने 49 मू काला पठारीय जौ उगाया और सालाना आय लगभग 80 हजार युआन थी। कहा जा सकता है कि काला पठारीय जौ स्थानीय किसानों का छुधार बन गया है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 में लुंगत्से काउंटी ने 1086 टन से अधिक काला पठारीय जौ की प्रोसेसिंग की, जिस का मूल्य लगभग 2 करोड़ 43 लाख 60 हजार युआन था। काला पठारीय जौ के अलावा लुंगत्से काउंटी गाय व सुअर पालन पर भी जोर लगा रही है। कृषि और पशुपालन उद्योग विकास के नये चरण में दाखिल हो रहा है।

उधर चीन सरकार अब सीमांत क्षेत्र में बुनियादी संस्थापन और सार्वजनिक सेवा के विकास में तेजी ला रही है। अन्य सीमांत क्षेत्रों की तरह लुंगत्से काउंटी को इससे बड़ा लाभ मिला है। मार्ग, जल की सप्लाई व निकासी, बिजली की सप्लाई, नागरिकों के आवास, वाणिज्य सेवा दिन ब दिन संपूर्ण हो रही है। यु माई कस्बा लुंगत्से काउंटी का एक सुदूरवर्ती क्षेत्र है। पहले वहां सिर्फ एक परिवार के तीन व्यक्ति रहते थे और भारी बर्फ के कारण इस क्षेत्र का आधे साल तक दूसरे क्षेत्रों से संपर्क कट जाता था। अब उस कस्बे की आबादी 200 से अधिक हो गयी है और कस्बे में नये नये मकान, परिवार होटल, पर्यटन सवा केंद्र और आदि आधुनिक इमारतें नजर आती हैं। प्रति व्यक्ति सालाना आय 40 हजार युआन से अधिक हो गयी है। साल भर डामर मार्ग उपलब्ध रहता है। यु माई का कायापलट लुंगत्से काउंटी के तेज विकास का एक लघुचित्र है।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)