चीन-यूरेशिया एक्सपो बना आर्थिक व व्यापारिक सहयोग को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण मंच 

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इस वर्ष के 31 अगस्त को औषधीय जड़ी-बूटियों से भरी चीन-यूरोप मालवाहक रेलगाड़ी तुर्कमेनिस्तान से उत्तर-पश्चिम चीन के शानक्शी प्रांत की राजधानी शीआन शहर में वापस पहुंची। इस रेलगाड़ी के 42 कंटेनरों में पूरी तरह से लीकोरिस भरा हुआ था, जो तुर्कमेनिस्तान से आयात किया गया है। वास्तव में यह सिर्फ़ चीन और एशियाई एवं यूरोपीय देशों के बीच व्यापार की एक बहुत ही छोटी सी झलक है। ऐसा कहा जा सकता है कि हर दिन विभिन्न उत्पादों से भरी हुई रेलगाड़ियां या ट्रक यूरेशिया से आने-जाने में व्यस्त रहते हैं। ये सारी रेलगाड़ियां या ट्रक उत्तर-पश्चिम चीन के शिनच्यांग उइगुर स्वायत्त प्रदेश से गुज़रते हैं। जिससे यूरेशियन महाद्वीप के बीच व्यापार एवं आदान-प्रदान में शिनच्यांग एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। 

ऐतिहासिक दृष्टिकोण से देखा जाएं, तो प्राचीन काल से ही शिनच्यांग चीन और मध्य एशिया, दक्षिण एशिया, मध्य पूर्व तथा यूरोपीय देशों के साथ थलीय व्यापार और आदान-प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण गलियारा रहा है। विशेष रूप से हाल के वर्षों में “बेल्ट एंड रोड” पहल और चीन-यूरेशिया एक्सपो जैसे सहयोग ढांचों के माध्यम से, शिनच्यांग में सुविधाओं और कनेक्टिविटी में काफ़ी सुधार हुआ है। 

ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, अब तक शिनच्यांग उइगुर स्वायत्त प्रदेश में 118 द्विपक्षीय अंतर्राष्ट्रीय परिवहन सड़कें चालू हो चुकी हैं, जो चीन की कुल सड़कों का एक-तिहाई हिस्सा हैं। शिनच्यांग-यूरोप एक्सप्रेसवे पूरी तरह से जुड़ा हुआ है, और कजाकस्तान के साथ दूसरा रेलवे भी पूरा हो गया है और इसे चालू कर दिया गया है। अब तक 26 क्रॉस-बॉर्डर अंतर्राष्ट्रीय ऑप्टिकल केबल बनाए गए हैं, और सड़कों, रेलवे, नागरिक उड्डयन, पाइपलाइन नेटवर्क और संचार की “फाइव-इन-वन” इंटरकनेक्शन नेटवर्क प्रणाली प्रारंभिक तौर पर स्थापित की गयी है।

वर्तमान में, शिनच्यांग ने “बेल्ट एंड रोड” से जुड़े देशों के साथ आर्थिक और व्यापारिक आदान-प्रदान व सहयोग को मजबूत किया है। इसके साथ शिनच्यांग के विदेशी निवेश में 60 से अधिक देशों और क्षेत्रों को शामिल किया गया है। वर्ष 2011 से अब तक शिनच्यांग ने 6 बार चीन-यूरेशिया एक्सपो आयोजित किए हैं। आरएमबी क्रॉस-बॉर्डर सेटलमेंट में 113 देशों और क्षेत्र शामिल हुए हैं, जिसमें कुल 3.2 खरब युआन से अधिक का लेनदेन हुआ। 

बता दें कि 19 से 22 सितंबर को 7वें चीन-यूरेशिया एक्सपो शिनच्यांग की राजधानी उरूमुछी में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान प्रदर्शनी, संगोष्ठी और बैठक जैसी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिससे चीन और एशियाई एवं यूरोपीय देशों के बीच बहु-स्तरीय और बहु-क्षेत्रीय आदान-प्रदान तथा सहयोग और मज़बूत होंगे। जानकारी के अनुसार, अब तक विश्व भर के 45 देशों और क्षेत्रों के संस्थानों और उद्यमों ने ऑनलाइन या ऑफलाइन तरीके से इसमें हिस्सा लेने की पुष्टि की है।   

विशेषज्ञों का मानना है कि चीन-यूरेशिया एक्सपो के ज़रिए एशिया व यूरोप की मुख्य भूमि के बीच मैत्री व सहयोग के नये पुल की स्थापना की गयी है। इधर के दस से अधिक वर्ष के विकास के बाद, फिलहाल चीन-यूरेशिया एक्सपो क्षेत्रीय आर्थिक और व्यापार सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है। जिसके ज़रिए चीन और एशियाई एवं यूरोपीय देशों के बीच व्यापक और बहु-क्षेत्रीय आर्थिक तथा व्यापारिक सहयोग का और विस्तार हुआ है। साथ ही यह एक्सपो पश्चिमी दिशा में चीन के खुलेपन को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच होने के साथ-साथ विभिन्न देशों के बीच आदान-प्रदान को मजबूत करने का महत्वपूर्ण सुअवसर भी है। एक्सपो के ढांचे के तहत एक नियमित विनिमय तंत्र का गठन किया गया है। जिससे एक दूसरे के बीच आपसी समझ को बढ़ाने और विचारों का आदान-प्रदान करने का महत्वपूर्ण मौका मिला है। इतना ही नहीं, एक्सपो क्षेत्रीय आर्थिक और सामाजिक समृद्धि को बढ़ावा देने के लिये सकारात्मक और अहम भूमिका भी निभा रहा है।  

(लेखक: ल्याओ चियोंग, चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)