धान की पराली को जलाने से रोकने के लिए सरकार सख्त, कृषि विभाग के कर्मचारियों की 7 नवंबर तक छुट्टियां की रद्द

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चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए कमर कस ली है। पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण से पानी, मिट्टी और वातावरण को बचाने के लिए सरकार हर संभव यत्न कर रही है। वहीं अब कृषि मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने जिला कृषि अधिकारियों के साथ मीटिंग कर पराली जलाने को रोकने के लिए ब्ल्यूप्रिंट लागू करने के लिए विचारविमर्श किया। कृषि मंत्री ने कहा कि पराली जलाने को रोकना राज्य के लिए बड़ी चुनौती है और इससे होने वाले प्रदूषण का मुद्दा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उजागर किया जा रहा है, जिससे पंजाब की बदनामी हो रही है।

कृषि मंत्री ने सीनियर अधिकारियों को हिदायत दी कि कृषि विभाग के किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को 7 नवंबर तक छुट्टी न दी जाए। धालीवाल ने बताया कि वह सोमवार को कैबिनेट मंत्रियों और राज्य की सभी यूनिवर्सिटियों के वाइस चांसलरों के साथ मीटिंग करेंगे, ताकि लोगों को पराली जलाने के बुरे प्रभावों के बारे जागरूक करने के लिए एन.एस.एस. वालंटियरों की सेवाएं ली जा सकें। अंत में कृषि मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार की तरफ से ब्लॉक स्तर के कृषि अधिकारियों को हैपी सिडर मशीनें मुहैया करवाई जाएंगी जिनका प्रयोग छोटे किसान मुμत में कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि ब्लॉक स्तर पर पहले ही तकरीबन 2-5 मशीनें मुहैया करवाई जा चुकी हैं और वह किसानों के प्रयोग के लिए कृषि अधिकारियों को लगभग 10 हैपी सिडर मशीनें मुहैया करवाने के लिए यत्नशील हैं। मीटिंग में दूसरों के अलावा ए.सी.एस. कृषि सरवजीत सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष प्रमुख सचिव और मंडी बोर्ड के सचिव रवि भगत, डायरैक्टर कृषि गुरविन्दर सिंह और समूह जिला कृषि अधिकारी उपस्थित थे।