B’day Special: आठ वर्ष की आयु में RSS से जुड़े, चाय बेचने का किया काम…कुछ ऐसा रहा नरेंद्र मोदी का PM बनने तक का सफर

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नई दिल्ली: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपना 72वां जन्मदिन मना रहे हैं। वडनगर के एक गुजराती परिवार में पैदा हुए पीएम मोदी को आज किसी पहचान की जरूरत नहीं है। देश दुनिया के हर कोने में उनके चर्चे हैं। हालांकि एक आम से परिवार में जन्में पीएम मोदी के लिए यह सफर आसान नहीं था। तो चलिए आज उनके जन्मदिन पर हम उनके संघर्ष के दिनों की एक झलक दिखाते हैं…

चाय बेचने का किया काम

वडनगर के एक गुजराती परिवार में पैदा हुए मोदी ने अपने बचपन में चाय बेचने में अपने पिता की मदद की, और बाद में अपना खुद का स्टाल चलाया। आठ वर्ष की आयु में वे आरएसएस से जुड़े, जिसके साथ एक लंबे समय तक सम्बन्धित रहे।

लोक सेवा में जुटे पीएम मोदी ने छोड़ दिया था अपना घर

स्नातक होने के बाद उन्होंने अपना घर छोड़ दिया। उन्होंने दो साल तक भारत भर में यात्रा की, और अनेकों धार्मिक केन्द्रों का दौरा किया। 1969 या 1970 वे गुजरात लौटे उसके बाद अहमदाबाद चले गए। 1971 में वह आरएसएस के लिए पूर्णकालिक कार्यकर्ता बन गए। 1975 में देश भर में आपातकाल की स्थिति के समय उन्हें कुछ समय के लिए अज्ञातवास करना पड़ा। 1985 में वे बीजेपी से जुड़े और 2001 तक पार्टी पदानुक्रम के भीतर कई पदों पर कार्य किया, जहां से वे धीरे धीरे भाजपा में सचिव के पद पर पहुंचे गए।

2001 का समय पीएम मोदी की जिंदगी का रहा टर्निंग प्वाइंट

2001 में गुजरात में आए भूकम्प के बाद तत्कालीन मुख्यमन्त्री केशुभाई पटेल के असफल स्वास्थ्य और खराब सार्वजनिक छवि के कारण नरेंद्र मोदी को 2001 में गुजरात के मुख्यमन्त्री पद पर नियुक्त किया गया। जिसके बाद पीएम मोदी शीघ्र ही विधायी विधानसभा के लिए चुने गए। वे गुजरात राज्य के 14वें मुख्यमंत्री रहे। उन्हें उनके अच्छे कामों के कारण गुजरात की जनता ने लगातार 4 बार (2001 से 2014 तक) गुजरात का मुख्यमंत्री चुना। गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त नरेन्द्र मोदी विकास पुरुष के नाम से जाने जाते हैं और वर्तमान समय में देश के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से हैं। टाइम पत्रिका ने मोदी को पर्सन ऑफ़ द ईयर 2013 के 42 उम्मीदवारों की सूची में शामिल किया है।

2014 में उनके नेतृत्व में बीजेपी ने लड़ा चुनाव

2001 के बाद मिली सफलता के बाद पीएम मोदी ने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। यही कारण रहा कि 2014 में उनके नेतृत्व में भारत की प्रमुख विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी ने 2014 का लोकसभा चुनाव लड़ा और 282 सीटें जीतकर अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की। एक सांसद के रूप में उन्होंने उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक नगरी वाराणसी एवं अपने गृहराज्य गुजरात के वडोदरा संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ा और दोनों जगह से जीत दर्ज की। उनके राज में भारत का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश एवं बुनियादी सुविधाओं पर खर्च तेजी से बढ़ा। उन्होंने अफसरशाही में कई सुधार किए तथा योजना आयोग को हटाकर नीति आयोग का गठन किया।

वहीं पीएम मोदी 26 मई 2014 से अब तक लगातार दूसरी बार वे भारत के प्रधानमंत्री बने हैं तथा वाराणसी से लोकसभा सांसद भी चुने गए हैं। वे भारत के प्रधानमंत्री पद पर आसीन होने वाले स्वतन्त्र भारत में जन्मे प्रथम व्यक्ति हैं। इससे पहले वे 7 अक्तूबर 2001 से 22 मई 2014 तक गुजरात राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।