गंभीर स्वास्थ्य बिमारियों का कारण बन सकता है Sleep Apnea,ध्यान देना जरूरी

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नींद से संबंधित समस्याएं शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं। रात में नींद न पूरी होने की समस्या आपमें डायबिटीज, हृदय रोग, चिंता-तनाव जैसी परेशानियों के जोखिम को बढ़ाने वाली हो सकती है। पर क्या आप जानते हैं कि कुछ नींद विकार जानलेवा तक हो सकते हैं? स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, स्लीप एपनिया ऐसी ही एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जो अक्सर लोगों में गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं का कारण बनती है, कुछ स्थितियों में इसके कारण जान जाने का भी खतरा हो सकता है। नींद से संबंधित इस विकार को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को सावधान रहने की सलाह देते हैं। स्लीप एपनिया एक गंभीर स्लीपिंग डिसऑर्डर है जिसमें सोते समय अक्सर कुछ सैकेंड्स के लिए सांस बंद हो जाती है। यदि आप जोर जोर से खर्राटे लेते हैं या पूरी रात की नींद के बाद भी आपको थकान महसूस होती रहती हैं, तो इसे स्लीप एपनिया का संकेत माना जा सकता है। आब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया की समस्या लोगों में अधिक देखी जाती है। अगर आपको लगता है कि आपको स्लीप एपनिया हो सकता है, तो अपने डाक्टर से जरूर मिलें। समय पर उपचार के माध्यम से लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा आपमें हृदय और अन्य जटिलताओं को रोकने में भी इससे मदद मिल सकती है।

लक्षण
स्लीप एपनिया नींद से संबंधित एक खतरनाक विकार है जिसके बारे में जानकारी रखते हुए सभी लोगों को सावधानी बरतते रहना चाहिए। यदि आपको भी इसके लक्षण महसूस हो रहे हैं तो समय पर डाक्टर से मिलकर इलाज जरूर प्राप्त करें। इन लक्षणों में से दो से अधिक समस्याओं का अनुभव होते रहना स्लीप एपनिया हो सकता है।

बचने के लिए वजन करें कंट्रोल
अधिक वजन की समस्या वाले लोगों में स्लीप एपनिया की दिक्कत अधिक देखने को मिलती रही है। इससे बचाव के लिए वजन कम करना आपको लाभ दे सकता है। कुछ मामलों में वजन कम कर लेने से स्वत: ही स्लीप एपनिया की दिक्कत ठीक हो जाती है। वजन को कंट्रोल में रखकर आप कई अन्य तरह की हृदय और डायबिटीज जैसी जटिलताओं से भी खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।

नियमित व्यायाम बहुत आवश्यक
नयमित व्यायाम की आदत को स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने स्लीप एपनिया की समस्या वाले लोगों में लाभकारी पाया है। रोजाना कम से कम 30 मिनट के मध्यम गति वाले व्यायाम को करने से नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है और यह नींद विकारों को दूर करने में भी आपके लिए सहायक है। व्यायाम करने वाले लोगों में वजन बढ़ने का खतरा कम रहता है, जिसे इस तरह के विकारों को दूर करने के लिए आवश्यक माना जाता ह

पेट के बल सोने से मिलता है लाभ
पेट के बल सोने की आदत आपको बेहतर तरीके से सांस लेने में मदद करती है। इससे फेफड़ों को आराम मिलता है और आप अच्छी तरह से सांस ले सकते हैं। स्लीप एपनिया की समस्या में सोने के तरीके का भी विशेष प्रभाव होता है। कुछ लोगों ने पाया है कि उन्हें एक करवट सोने से भी सांस लेने में आसानी होती है। अपनी सुविधा के अनुसार सोने का तरीका बनाएं।