पांडा के रहने के स्थान की रक्षा में चीन में मिली उपलब्धि

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22 सितंबर को विश्व पांडा दिवस है। चीन में पांडा को बचाने का अभियान शुरू होने की 10वीं वर्षगांठ मनाने के लिए वर्ष 1993 में पहला विश्व पांडा उत्सव का आयोजन हुआ। उसके बाद हर साल 22 सितंबर को विश्व पांडा दिवस मनाया जाता है।

चीन लगातार पांडा की संख्या बढ़ाने का प्रयास करता रहा है। राष्ट्रीय खजाना होने के नाते पांडा दक्षिण पश्चिम चीन के कई प्रांतों में रहते थे। लेकिन मानव जीवन के दायरे का विस्तार और जनसंख्या में बढ़ोतरी होने की वजह से पांडा के रहने का स्थान काफी हद तक कम हुआ।

इसके बावजूद पांडा फिर भी बांस के जंगल में रहते हैं। बांस पांडा का मुख्य भोजन है, जो उसके भोजन का 99 प्रतिशत हिस्सा बनता है। हर दिन एक पांडा 6 से 19 किलोग्राम बांस खाता है।

प्राकृतिक स्थान की रक्षा और बहाली के सहारे पांडा को पर्याप्त रहने का स्थान और जरूरी खाना मिला। इससे संख्या सतत रूप से बढ़ रही है। अब चीन में पांडा के संरक्षण क्षेत्रों की संख्या 67 है। तीसरे सर्वेक्षण की तुलना में 27 नए संरक्षण क्षेत्रों का निर्माण किया गया, जिसका क्षेत्रफल 11 लाख 80 हजार हैक्टेयर है। 66.8 प्रतिशत जंगली पांडा और पांडा का 53.8 प्रतिशत प्राकृतिक स्थान रक्षा कार्य में शामिल हुए।

चीन सरकार के प्रोत्साहन में राष्ट्रीय वानिकी और चरागाह ब्यूरो ने राष्ट्रीय पार्क बनाने की योजना बनाई। साथ ही चीन दुनिया में सबसे बड़ी राष्ट्रीय पार्क व्यवस्था स्थापित करेगा। वर्ष 2015 से चीन ने क्रमशः 10 राष्ट्रीय पार्कों का निर्माण किया, जिसमें पांडा राष्ट्रीय पार्क शामिल है। इससे 72 प्रतिशत जंगली पांडा की रक्षा की गई।

विश्व वन्यजीवन कोष के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हेमली ने कहा कि चीन पांडा के रहने के स्थान की रक्षा और विस्तार करने में योगदान देता रहा है। चीन सरकार ने जानवरों की रक्षा करने में अपना वचन निभाया और अन्य देशों के लिए आदर्श मिसाल कायम की।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)