हरियाणा एक्स-सीटू मैनेजमेंट ऑफ पैडी स्ट्रॉ पॉलिसी का प्रारूप तैयार: Sanjeev Kaushal

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चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने प्रदेश में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर पूर्ण रूप से रोक लगाने और पराली का समुचित प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए नीतिगत फ्रेमवर्क बनाया है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा हरियाणा एक्स-सीटू मैनेजमेंट ऑफ पैडी स्ट्रॉ पॉलिसी 2022 का प्रारूप तैयार कर लिया गया है, जिसे जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा। मुख्य सचिव संजीव कौशल की अध्यक्षता में हुई बैठक में नीति के प्रारूप पर बिंदुवार चर्चा की गई। कौशल ने कहा कि बैठक में लिए गए निर्णयों व सुझावों को नीति में शामिल किया जाए। तदानुसार मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा नीति की अंतिम मंजूरी प्रदान की जाएगी।

हरियाणा एक्स-सीटू मैनेजमेंट ऑफ पैडी स्ट्रॉ पॉलिसी का उद्देश्य पराली आधारित बॉयोमास, बिजली परियोजनाओं, उद्योगों, कम्प्रैस्ड बॉयोगैस संयंत्रों, अपशिष्ट से ऊर्जा संयंत्रों, ईंट -भट्ठों, पैकेजिंग सामग्री में निवेश को आकर्षित करने के लिए अनुकूल वातावरण बनाना है। इतना ही नहीं किसानों को अपने खेत में पराली को काटने, गठरी बनाने और स्टोर करने के लिए प्रोत्साहित करना और विभिन्न परियोजनाओं में उपयोग के लिए इसे बेचने के लिए सुविधा प्रदान करना है। नीति के माध्यम से फसल के अवशेषों की मांग और आपूर्ति प्रबंधन के लिए किसानों व उद्योगों/गौशालाओं/उपयोगकर्ताओं के बीच लिंक स्थापपित किया जाएगा। साथ ही विद्युत संयंत्रों, औद्योगिक बॉयलरों, ईंट भट्टों या किसी अन्य औद्योगिक, वाणिज्यिक या संस्थागत प्रतिष्ठानों में पराली का उपयोग करने पर भी जोर दिया जाएगा। नई प्रौद्योगिकियों में अनुसंधान और विकास (आरएंडडी) को बढ़ावा देना भी नीति के मुख्य उद्देश्यों में से एक है।

कृषि विभाग द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन के लिए निरंतर किए जा रहे प्रयास बैठक में बताया गया कि कृषि विभाग द्वारा प्रदेश में फसल अवशेष प्रबंधन के लिए किसानों को जागरूक व प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। विभाग द्वारा व्यक्तिगत श्रेणी के तहत किसानों को 50 प्रतिशत सिब्सडी पर और कस्टमर हायरिंग सेंटर खोलने के लिए 80 प्रतिशत सिब्सडी पर बेलिंग यूनिट (हे-रेक, शर्ब मास्टर और स्ट्रॉ बेलर) उपलब्धत करवाई जा रही है। वित्त वर्ष के दौरान सिब्सडी पर 600 बेलिंग यूनिट प्रदान की जा रही है। इनमें से 290 बेलिंग यूनिट पानीपत के बाहोली में स्थापित 2जी एथनोल प्लांट के लिए चिन्हित कल्स्टसर में आवंटित की गई हैं। इसके अलावा विभाग द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन के लिए विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं। बैठक में कृषि विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी. उमाशंकर, ऊर्जा विभाग के महानिदेशक हनीफ कुरेशी, कृषि विभाग के महानिदेशक हरदीप सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।