आत्मनिर्भरता के साथ दुनिया के बड़े हिस्से की खाद्य जरूरतें पूरा करने की भारत में क्षमता: केंद्रीय मंत्री Narendra Tomar

Spread the News

नई दिल्ली/मुरैना: फिक्की के सम्मेलन लीड्स-2022 को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि भारत में, खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर होने के साथ ही दुनिया के बड़े हिस्से की खाद्य आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता भी है। भविष्य की जरूरतों व चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए रणनीतिक योजनाओं के साथ देश आगे बढ़ रहा है। उच्च खाद्यान्न उत्पादन बनाए रखने के लिए उत्पादकता बढ़ाना जरूरी है, इसके लिए भी देश सचेत है। उन्होंने कहा कि खेती में तकनीक का समावेश करते हुए किसानों तक पहुंच बढ़ाने व सिंचाई व्यवस्था से कृषि की लागत कम की जा सकेगी और उत्पादन और उत्पादकता को भी हम बढ़ा सकेंगे।

केंद्रीय मंत्री तोमर ने फिक्की के लीड्स-2022 कांफ्रेंस में कहा कि कोरोना महामारी के बावजूद, भारत के कृषि क्षेत्र ने 3.9% की विकास दर की महत्वपूर्ण उपलब्धि देखी है। साथ ही, हमारे कृषि निर्यात ने 4 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया, जिसे हमें बढ़ाते जाना है। वर्ष 2050 तक विश्व की जनसंख्या 900 करोड़ से ज्यादा होने के अनुमान के साथ, आहार की मांग में तेजी से वृद्धि होगी, जिससे कृषि उद्देश्यों, पशुओं के लिए चराई भूमि और उर्वरक तथा आनुवंशिक रूप से संशोधित फसलों के लिए भूमि की अधिक आवश्यकता होगी।

तोमर ने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए सरकार लगातार देश के छोटे किसानों को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है। इस दिशा में कई महत्वपूर्ण योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है, ताकि खेती-किसानी की चुनौतियों को कम किया जा सके और किसानों की आमदनी को बढ़ाया जा सके। इसके साथ ही, भारत कृषि क्षेत्र में दुनिया में नंबर 1 बनने की यात्रा पर तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा कि सिंचाई प्रणाली, भंडारण व कोल्ड स्टोरेज सहित कृषि के बुनियादी ढांचे में निवेश में वृद्धि के कारण, आने वाले वर्षों में भारत में कृषि उद्योग को और गति मिलने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, आनुवंशिक रूप से संशोधित फसलों के बढ़ते उपयोग से भारतीय किसानों की पैदावार में वृद्धि होने की भी उम्मीद है। तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत, केंद्र सरकार का लक्ष्य वर्ष 2024-25 तक मत्स्य पालन क्षेत्र में 70 हजार करोड़ रु. से ज्यादा का निवेश करना है। सरकार को 2024-2025 तक मछली उत्पादन 220 लाख टन तक बढ़ाने की उम्मीद है।