सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सजा को लेकर परिस्थितियों से संबंधित दिशा-निर्देशों पर की सुनवाई, पांच जजों की पीठ को भेजा मामला

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नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सजा देने से पहले बरती जाने वैली सावधानी पर विचार करने से संबंधित मामले को पांच जजों की बेंच को सौंप दिया। कोर्ट ने मौत की सजा से जुड़े मामले पर सुनवाई करते हुए इसके लिए संविधान पीठ बनाने का आदेश दिया। मृत्युदंड को कम करने वाली परिस्थितियों से संबंधित दिशा-निर्देशों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को पांच जजों की पीठ को भेज दिया। दलीलें सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश उदय उमेश ललित की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि इस मामले में स्पष्टता और समान दृष्टिकोण रखने के लिए एक बड़ी पीठ द्वारा सुनवाई की आवश्यकता है और यह पीठ ही दिशानिर्देश तय करेगी।

चीफ जस्टिस यूयू ललित, जस्टिस एस रवींद्र भट और जस्टिस सुधांशु धूलिया की पीठ ने कहा कि एक आरोपी को मौत की सजा देने से पहले सुनवाई के संबंध में परस्पर विरोधी फैसले थे। पीठ ने कहा कि बच्चन सिंह मामले में अदालत ने भारत के 48वें विधि आयोग की सिफारिशों के अनुसार मौत की सजा देने से पहले आरोपियों की अलग सुनवाई अनिवार्य कर दी थी।