व्यायाम करने व कम बैठने से बीमारियों का खतरा होगा 41% कम, ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क भी होगा कम

Spread the News

नई दिल्ली: रोजाना एक्सरसाइज करने और हर समय बैठे न रहने को लोकर वैज्ञानिकों ने बड़ा खुलासा किया है। अब एक नई स्टडी में वैज्ञानिकों ने इसका कनैक्शन कैंसर से निकाला है। ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन में एक रिसर्च में कहा गया कि जो लोग शारीरिक गतिविधियां नहीं करते, उन्हें ब्रेस्ट कैंसर (स्तन कैंसर) का खतरा दूसरों के मुकाबले ज्यादा होता है। यह ब्रेस्ट कैंसर के हर प्रकार और स्टेज पर लागू होता है।

रिसर्च में 1,30,957 महिलाओं को शामिल किया गया। इनमें से 69,383 महिलाओं के शरीर में ट्यूमर फैल चुका था और 6,667 महिलाओं में ट्यूमर नहीं फैला था। 54,452 महिलाएं ऐसी थीं, जिन्हें ब्रेस्ट कैंसर नहीं था। वैज्ञानिकों ने सभी प्रतिभागियों की दूसरी जानकारियां लेने के लिए यूके बायोबैंक का सहारा लिया। इससे उनकी फिजिकल एक्टिविटी और बैठे रहने की अवधि का डेटा इकट्ठा किया गया। इसके बाद रिसर्चर्स ने औरतों के मेनोपॉज (माहवारी बंद होने की स्टेज) की उम्र, ब्रेस्ट कैंसर का प्रकार, कैंसर की स्टेज और कैंसर के ग्रेड की जांच की।

ब्रैस्ट कैंसर का जोखिम 38% कम

स्टडी के मुताबिक, जिन लोगों के लिए ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी आनुवंशिक प्रवृत्ति होती है, उन्हें ब्रेस्ट कैंसर का खतरा 41% कम होता है। इससे उनके मेनोपॉज, कैंसर की स्टेज और ग्रेड का कोई नाता नहीं है। साथ ही आनुवंशिक तौर पर जिनकी प्रवृत्ति हफ्ते में 3-4 दिन कठिन एक्सरसाइज करने की होती है, उन्हें ब्रैस्ट कैंसर का जोखिम 38% कम होता है। वहीं, जिन लोगों के लिए हर समय बैठे रहना आनुवंशिक प्रवृत्ति है, उन्हें ट्रिपल नेगेटिव ब्रैस्ट कैंसर का खतरा 104% ज्यादा होता है। यह ब्रैस्ट कैंसर का सबसे खतरनाक और दुर्लभ प्रकार है, जो तेजी से शरीर में फैलता है। ज्यादातर मामलों में पता चलने से पहले ही ट्यूमर फैल चुका होता है। इसका इलाज बेहद मुश्किल है।

इससे पहले 2019 में हुए एक मेटा-एनालिसिस में पता चला था कि अगर ब्रेस्ट कैंसर के मरीज नियमित रूप से व्यायाम करते हैं, तो उन्हें दूसरों की तुलना में इस बीमारी से मौत का खतरा 40% तक कम होता है। कुछ ऐसा ही प्रोस्टेट कैंसर और कोलोरेक्टल कैंसर के मामलों में भी होता है।