राज्यपाल द्वारा विधानसभा का विशेष सत्र रद्द करने का निर्णय लोकतंत्र की हत्या : AAP

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चंडीगढ़ : आम आदमी पार्टी (आप) ने पंजाब सरकार द्वारा गुरुवार को बुलाए गए पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र को रद्द करने को लेकर कांग्रेस और भाजपा पर हमला बोला और इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया।

पंजाब के ऊर्जा मंत्री अमन अरोड़ा ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित के पंजाब विधान सभा के विशेष सत्र के लिए अपनी सहमति वापस लेने के फैसले पर खेद व्यक्त किया, जिसके बाद विपक्षी नेताओं द्वारा तीन ज्ञापन दिए और राज्यपाल पर भाजपा के निर्देशानुसार कार्रवाई करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि यह विशेष बैठक मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा संविधान के अनुसार कैबिनेट की सिफारिशों पर छह महीने पुरानी आप सरकार को गिराने के भाजपा के प्रयास के खिलाफ विश्वास मत लाने के लिए बुलाई गई थी। हालांकि, सभी नियमों की अनदेखी करते हुए राज्यपाल कार्यालय ने सत्र रद्द कर दिया, जिसे डॉ. बी.आर. अम्बेडकर के संविधान का उल्लंघन है।

इस विशेष सत्र के खिलाफ आपत्ति जताने और राज्यपाल को पत्र लिखने के लिए विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा की आलोचना करते हुए अरोड़ा ने कहा कि बाजवा पंजाब में आप की प्रगति को रोकने के लिए भाजपा की बी टीम के रूप में काम कर रहे हैं। अरोड़ा ने कहा, “विपक्ष के नेता बाजवा अपनी जेड प्लस सुरक्षा की रक्षा के लिए भाजपा की धुन पर नाच रहे हैं। उनको लोकतंत्र की परवाह नहीं है।”

बाजवा को याद दिलाते हुए अरोड़ा ने कहा कि कांग्रेस ने भी राजस्थान में इसी तरह का विश्वास प्रस्ताव पेश किया था। पिछले 52 वर्षों में विभिन्न दलों द्वारा 27 अविश्वास प्रस्ताव और 12 बार विश्वास प्रस्ताव बुलाए गए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता अब बीजेपी की बी टीम बनकर काम कर रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को कांग्रेस मुक्त करने के लिए उनका इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि आम आदमी पार्टी अपने सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में लोकतंत्र की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक लड़ेगी और आम लोगों के कल्याण के लिए काम करेगी।