World Alzheimer Day: 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में अल्जाइमर का खतरा अधिक, जानिए रोग का इलाज और बचाव

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नई दिल्ली: वैश्विक स्तर पर जिन न्यूरोलॉजिकल विकारों के मामले सबसे ज्यादा बढ़ते हुए देखे जाते रहे हैं, अल्जाइमर रोग उनमें से एक है। आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि अमरीका में 60 लाख से अधिक लोगों को अल्जाइमर रोग है। भारत में भी इस रोग के मामले तेजी से बढ़े हैं। 60 साल से अधिक उम्र के लोगों में अल्जाइमर की समस्या को काफी अधिक देखा जाता रहा है। अल्जाइमर रोग के बढ़ते खतरे को रोकने और इससे बचाव के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 21 सितंबर को वर्ल्ड अल्जाइमर डे मनाया जाता है।

अल्जाइमर रोग, तंत्रिका संबंधी विकार है जिसके कारण मस्तिष्क का कुछ हिस्सा सिकुड़ जाता है, इसमें मस्तिष्क की कोशिकाओं में क्षति हो सकती है। अल्जाइमर रोग को डेमेंशिया के सबसे आम कारणों में से एक माना जाता है। इन दोनों ही स्थितियों में व्यक्ति के सोचने, व्यवहार और सामाजिक कौशल में निरंतर गिरावट आती रहती है। अध्ययनों से पता चलता है कि किसी को भी 60 की आयु के बाद अल्जाइमर रोग हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों में इसके लिए अधिक जोखिम होता है। 65 वर्ष से अधिक आयु के लोग या फिर जिन लोगों के परिवार में पहले भी किसी को यह समस्या रह चुकी है उनमें अल्जाइमर रोग विकसित होने का जोखिम अधिक होता है। अल्जाइमर का अभी तक कोई विशिष्ट इलाज नहीं है, हालांकि सही निदान के बाद सहायक उपचार के माध्यम से रोग की प्रगति को धीमा करने और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद मिल सकती है।

क्यों होता है अल्जाइमर?

अल्जाइमर रोग क्यों होता है, अभी तक इसके सटीक कारणों को पूरी तरह से समझा नहीं जा सका है। लेकिन बुनियादी स्तर पर माना जाता है कि मस्तिष्क में प्रोटीन सामान्य रूप से कार्य नहीं कर पाते हैं जिसके कारण मस्तिष्क कोशिकाओं (न्यूरॉन्स) का काम भी बाधित हो जाता है, इसके कारण इस तरह की दिक्कतें हो सकती हैं।

इस तरह की होती हैं दिक्कतें

. चीजों को याद रखने में कठिनाईं, लोगों के नाम भूल जाना।
. पहले जो कम आसानी से कर लेते थे उसे अब करने में काफी दिक्कत होना।
. समस्याओं का समाधान कर पाने में दिक्कत होना।
. बोलने या लिखने में परेशानी।
4निर्णय लेने में दिक्कत होना।
. मनोदशा और व्यक्तित्व में परिवर्तन।

इन संकेतों का हमेशा यह मतलब नहीं होता है कि व्यक्ति को अल्जाइमर है। इनके कारणों को निर्धारित करने के लिए डॉक्टर को दिखना जरूरी हो जाता है।

अल्जाइमर रोग का इलाज और बचाव

. नियमित रूप से व्यायाम करें।
. आहार की पौष्टिकता का खास ख्याल रखें, नट्स का सेवन करें।
. उच्च रक्तचाप, मधुमेह और उच्च कोलेस्ट्रॉल की रोकथाम करते रहें, ये स्थितियां भी न्यूरोलॉजिकल विकारों का कारण हो सकती हैं।
. यदि आप धूम्रपान या शराब पीते हैं तो इसे छोड़ दें, इसे अल्जाइमर रोग को बढ़ावा देने वाले कारकों में से माना जाता है।
. प्राणायाम जैसे अभ्यास तंत्रिकाओं और मस्तिष्क को शांत रखकर इन रोगों के विकास के कम करने में मदद कर सकते हैं।