Ashwin Shivratri: आश्विन शिवरात्रि पर रात्रि के समय की जाती है भगवान शिव जी की पूजा, जानिए इसके कारण, महत्व और शुभ योग के बारे में

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कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। इस साल आश्विन माह की मासिक शिवरात्रि 24 सितंबर दिन शनिवार को मनाई जा रही है। मासिक शिवरात्रि पर रात के समय भगवान शिव जी की पूजा का विशेष महत्व माना गया है। इस दिन रात को भगवान शिव जी की पूरी विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की जाती है। आइए जानते है आश्विन शिवरात्रि की तिथि और पूजा मुहूर्त के बारे में:

आश्विन शिवरात्रि तिथि 2022
पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर को 02 बजकर 30 एएम पर प्रारंभ हो रही है. इस तिथि की समाप्ति 25 सितंबर दिन रविवार को 03 बजकर 12 एएम पर होगा. ऐसे में रात्रि की शिव पूजा का मुहूर्त 24 सितंबर को प्राप्त हो रहा है, इसलिए आश्विन शिवरात्रि 24 सितंबर को मनाई जाएगी.

आश्विन शिवरात्रि पूजा मुहूर्त 2022
आश्विन शिवरात्रि को रात्रि प्रहर में भगवान शिव की पूजा का शुभ समय रात 11 बजकर 49 मिनट से लेकर देर रात 12 बजकर 37 मिनट तक है. जिन लोगों को रात्रि प्रहर की पूजा करनी है, वे इस समय में पूजा कर सकते हैं.

आश्विन शिवरात्रि पूजा के अन्य मुहूर्त
सुबह का मुहूर्तः 07 बजकर 41 मिनट से सुबह 09 बजकर 12 मिनट तक
दोपहर का मुहूर्तः 01 बजकर 44 मिनट से 03 बजकर 14 मिनट तक
शाम का मुहूर्तः 06 बजकर 16 मिनट से 07 बजकर 45 मिनट तक

आश्विन शिवरात्रि पर साध्य और शुभ योग
आश्विन शिवरात्रि के दिन प्रातःकाल से ही साध्य योग बना हुआ है, जो सुबह 09 बजकर 43 मिनट तक है. उसके बाद से शुभ योग प्रारंभ हो जाएगा. यह अगले दिन सुबह 09 बजकर 06 मिनट तक रहेगा.

मासिक शिवरात्रि का महत्व
हर कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को भगवान शिव को पूजा करने का उत्तम अवसर मासिक शिवरात्रि होती है. इस दिन आप शिव आराधना करके अपने मनोकामनाओं की पूर्ति कर सकते हैं. मंत्रों की सिद्धि या विशेष मनोकामनाओं की पूर्ति रात्रि प्रहर की पूजा से कर सकते हैं. शिवरात्रि को विधि विधान से शिव आराधना करने पर महादेव प्रसन्न होते हैं. वे आपके दुखों को दूर करके आपका कार्य सफल कर सकते हैं.