AAP की पुरानी पेंशन स्कीम को पूर्व मंत्री Brahm Mohindra ने बताया, नई बोतलों में चोरी की शराब

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चंडीगढ़ : कांग्रेस के सीनियर नेता और पूर्व मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा ने आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम को पुनः बहाल किए जाने संबंधी किए जा रहे दावों का भंडाफोड़ करते हुए कहा कि, इस स्कीम को पहले ही पिछली कांग्रेस सरकार ने चालू कर दिया था। एक बयान में मोहिंद्रा ने कहा कि यह सिर्फ पुरानी शराब नहीं, बल्कि नई बोतलों में चोरी की शराब है, जो आप सरकार पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा पहले ही लागू की गई स्कीमों का श्रेय लेने का प्रयास कर रही है। मोहिंद्रा ने कहा कि उनके नेतृत्व में कैबिनेट सब-कमेटी की बैठक के बाद विस्तार में चर्चा हुई थी, जिसमें सभी पक्षों की सहमति के बाद पंजाब में पुरानी पेंशन स्कीम लागू की गई थी।

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने कहा कि अन्य वादों की तरह आप सरकार पुरानी पेंशन स्कीम को पंजाब सरकार के कर्मचारियों के लिए लागू करने के दावे कर रही है, जो सिर्फ हिमाचल प्रदेश और गुजरात के चुनावों के लिए आंखों का धोखा है। जिसके जरिए इनके द्वारा इस सच्चाई को छुपाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह स्कीम पहले से ही राज्य में लागू है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए मोहिंद्रा ने कहा कि पंजाब में पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान नई कंट्रीब्यूटरी पेंशन स्कीम के तहत पुरानी पेंशन स्कीम के चार हिस्सों में से तीन हिस्सों, जिनमें कर्मचारियों के लिए फैमिली पेंशन, डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रेच्युटी और एक्स ग्रेशिया पेंशन स्कीम शामिल है, को न सिर्फ सही किया गया था, बल्कि लागू भी किया गया था।

हालांकि पुराने जनरल प्रोविडेंट फंड स्कीम के तहत पेंशन की अदायगी के फैसले को आगे नहीं बढ़ाया गया था। इसलिए उस फैसले का आखरी हिस्सा मौजूदा पंजाब की आप सरकार के हिस्से चला गया, जो कांग्रेस सरकार की स्कीमों पर दावा करने का प्रयास कर रही है।

मोहिंद्रा ने खुलासा किया कि मौजूदा सरकार के सत्ता में आने से पहले तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा एलान किए गए कुल 14 प्रतिशत महंगाई भत्ते में से 11 प्रतिशत जारी कर दिया था। इस संबंध में बकाया 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता जारी करने का फैसला तब नहीं लिया जा सका था, जिसे लेकर मौजूदा सरकार चुप है। उन्होंने सरकार से सवाल पूछा कि वह झूठा श्रेय लेने की बजाए छोटी सी रकम को लेकर चुप क्यों है। कम से कम उसके पास वास्तव में श्रेय लेने के लिए कुछ तो होगा।

उन्होंने कहा कि तब कर्मचारियों को अदा करने के लिए बकाया रह गए महंगाई भत्ते के भविष्य का नहीं पता। जिस पर उन्होंने आप सरकार से सरकारी कर्मचारियों की सही को पूरा करने के लिए कदम उठाने को कहा है।

मोहिंद्रा ने कहा कि यहां तक कि 36,000 ठेके पर कार्यरत कर्मचारियों को पक्का करने की शुरुआत पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा की गई थी, लेकिन चुनाव आचार संहिता लागू होने के चलते उसकी फाइल राज्यपाल के पास अटक गई और अब आप इस पर भी श्रेय लेने का प्रयास कर रही है। पूर्व मंत्री ने खुलासा किया कि राजस्थान और झारखंड में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकारों ने पहले ही अपने कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम को लागू करने का ऐलान कर दिया है।