हांगचो एशियाड की एक साल की उलटी गिनती शुरू

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23 सितंबर को चीन के हांगचो शहर में 19वें एशियाई खेल समारोह की एक साल की उलटी गिनती आरंभ हो गई। पूर्व योजनानुसार हांगचो एशियाड इस साल 10 से 25 सितंबर को आयोजित होने वाला था। लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इस मई में एशियाई ओलंपिक परिषद ने 19वें एशियाड को टालने की घोषणा की। 19 जुलाई को एशियाई परिषद ने घोषणा की कि 19वां एशियाड अगले साल 23 सितंबर से 8 अक्तूबर के बीच होगा और इस खेल का नाम और चिंह बने रहेंगे। इसके मुताबिक अगले साल आयोजित होने वाले एशियाड का आधिकारिक नाम 19वां एशियाई गेम्स हांगचो-2022 होगा। हांगचो चीन के पेइचिंग और क्वांगचो शहर के बाद एशियाड की मेजबानी करने वाला तीसरा शहर बन जाएगा। अब विभिन्न तैयारियां आम तौर पर पूरी हो गई हैं।

हांगचो एशियाड में कुल 40 खेलों की 61 इवेंटों की स्पर्द्धा होंगी, जिनमें 31 ओलंपिक खेल और 9 गैर-ओलंपिक खेल शामिल होंगे। 31 ओलंपिक खेलों में ट्रेक एंड फील्ड, तैराकी, फुटबाल, वॉलिबॉल, बास्केटबॉल, मुक्केबाजी, साइकलिंग जैसे खेल होते हैं। जबकि 9 गैर-ओलंपिक खेलों में वुशु, कबड्डी, क्रिकेट, सेपक-गेंद जैसे एशियाई विशेषता वाले खेल होते हैं। उल्लेखनीय है कि एशियाड के इतिहास में पहली बार ई-स्पोर्ट्स और ब्रेकिंग डांस प्रतिस्पर्द्धात्मक इवेंट भी होंगी। हांगचो एशियाड के ई-स्पोर्ट्स में लीग ऑफ लीजेंड, ग्लोरी ऑफ किंग्स, गेम फॉर पीस समेत 8 इलेक्ट्रानिक गेम्स शामिल होंगे और 8 स्वर्ण पदक के भी अवसर बनेंगे। एशियाड में ई-स्पोर्ट्स शामिल करने के मुख्य कारण हैं कि एशिया में ई-स्पोर्ट्स का विकास सबसे तेजी से जारी है और पेशेवर प्रतियोगिता व वाणिज्यिक माहौल संपूर्ण है। इसके अलावा अक्तूबर 2017 में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने ई-स्पोर्ट्स को खेल की प्रतियोगिता की मान्यता दी गई। उधर, ब्रेकिंग डांस लंबे समय से युवाओं में काफी लोकप्रिय है। इन दो इवेटों को एशियाड में शामिल करने से अधिक युवाओं के बीच आकर्षण पैदा होगा। 

हांगचो एशियाड गांव का निर्माण 29 दिसंबर, 2021 को ही पूरा हो गया था, जो 108 ऊंची ईमारतों से गठित है। एशियाड के दौरान 10 हजार से अधिक खिलाड़ी, कोच व अधिकारी, 4 हजार तकनीकी अधिकारी और लगभग 5 हजार मीडियाकर्मी यहां ठहरेंगे। पाँच वर्षों की कोशिशों के बाद इस मार्च के अंत में हांगचो एशियाड और पैरा-एशियाड के 56 स्टेडियम भी तैयार हो चुके हैं।

हांगचो एशियाड का मुख्य नारा है कि दिल-से-दिल @ भविष्य। इंटरनेट चिंह @ पहली बार किसी बड़े खेल समारोह के नारे से जुड़ा है। वह इंटरनेट ऑफ एवरीथिंग का प्रतिनिधित्व करता है और हांगचो की साइबर शहर की विशेषता से भी मेल खाता है। आप जानते होंगे कि विश्वविख्यात ई-बिजनस कंपनी अलीबाबा हांगचो में स्थित है।

हांगचो एशियाड के शुभंकर तीन प्यारे और चंचल रोबोट हैं, जो अलग-अलग तौर पर छनछन, त्सोंग त्सोंग और ल्येन ल्येन हैं। ये तीनों घनिष्ठ मित्र हैं और आलंपिक भावना, शांति व मित्रता के प्रचार के दूत के नाते एशिया और विश्व को हांगचो एशियाड में भाग लेने का निमंत्रण देते हैं।

चीन में एक बहुत लोकप्रिय कहावत है कि ऊपर स्वर्ग है और नीचे हांगचो और सुचो है। प्राचीन समय से ही हांगचो चीन में एक बहुत सुंदर और समृद्ध शहर रहा है। अगर आप एशियाड में भाग लेंगे या देखने आएंगे, तो यकीनन आप हांगचो की विशिष्ट सौंदर्य का भी लुत्फ उठा सकेंगे। (साभार—चाइना मीडिया ग्रुप  ,पेइचिंग)