वांगयी ने यूएन महासभा की आम बहस में भाषण दिया

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24 सितंबर को चीनी स्टेट काउंसलर और विदेश मंत्री वांगयी ने न्यूयार्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में 77वीं यूएन महासभा की आम बहस में भाग लेकर शांति व विकास के लिए कोशिश करें ,एकता व प्रगति के लिए जिम्मेदारी उठाएं नामक भाषण दिया । उन्होंने कहा कि यह एक चुनौतियों से भरा युग है और आशा से भरा युग भी ।शांति व विकास वाले युग के मुख्य विषय में बदलाव नहीं आया है ।विभिन्न देशों की जनता की प्रगति व सहयोग का अनुसरण करने की इच्छा अधिक तीव्र हो चुकी है । उन्होंने चीन का मुख्य मत रखते हुए कहा कि हमें शांति ,विकास ,खुलेपन ,सहयोग ,एकता और समानता चाहिए न कि युद्ध ,गरीबी ,बंद द्वार ,मुकाबला ,विभाजन और प्रभुत्ववाद । उन्होंने कहा कि चीन युग की धारा के अनुरूप एकता ,सहयोग ,और अधिकांश विकासशील देशों के समान हितों के पक्ष में डटकर खड़ा रहता है ।राष्ट्रपति शीचिनफिंगद्वारा प्रस्तुत वैश्विक सुरक्षा प्रस्ताव ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा चुनौती के निपटारे  के लिए चीनी योजना पेश की है ।

अपने भाषण में वांगयी ने बल दिया कि थाईवान प्राचीन समय से चीन की भूमि रहा है ।चीन बड़ी ईमानदारी और अथक कोशिशों से दोनों तटों का शांतिपूर्ण पुनरेकीकरण साकार करेगा । वांगयी ने कहा कि चीन अपने स्टाइल वाले आधुनिकीकरण से चीनी राष्ट्र का महान पुनरुत्थान पूरा करेगा और विश्व के विभिन्न देशों के साथ मानवता के साझे भविष्य का निर्माण करेगा । उस दिन वांगयी ने यूएन महासभा के अध्यक्ष और मालदीव ,मिस्र ,अल्जीरिया ,गाबोर्न ,एक्विडोगिनी ,और कोस्टारिका आदि देशों के विदेश मंत्रियों से भी मुलाकात की ।(साभार—चाइना मीडियाग्रुप ,पेइचिंग)

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