महिला एवं बाल विकास विभाग की कर्मचारियों ने काले बिल्ले लगाकर किया काम

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चंडीगढ़: आईसीडीएस ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा विभाग की निदेशक की वादाखिलाफी के विरोध स्वरूप मंगलवार को काले बिल्ले लगाकर कार्य किया। एसोसिएशन की राज्य प्रधान सबिता, महासचिव मीनाक्षी व कोषाध्यक्ष प्रियंका ने बताया कि एसोसिएशन का शिष्टमंडल महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक हेमा शर्मा से तीन बार मिल चुकी है। निदेशक द्वारा बार-बार मांगे मानने के आश्वासन दिए गए हैं, लेकिन मांगे मानना तो दूर आज तक मीटिंग की कार्यवाही रिपोर्ट भी नहीं निकाली गई है। आईसीडीएस सुपरवाइजर्स एवं महिला बाल विकास परियोजना अधिकारियों का प्रारंभिक वेतनमान एक जैसा है।

दोनों की ग्रेड- पे 4200 है। यह एक बड़ी विसंगति है जबकि महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारियों की मांग 4800 ग्रेड-पे की है। विभाग में महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारियों से लेकर संयुक्त निदेशक तक के वेतनमान कम हैं जबकि यह विभाग महिला एवं बाल विकास के लिए अति महत्वपूर्ण है। बार-बार अनुरोध के बावजूद इस पत्र को अनुमोदित करके आगे नहीं भेजा जा रहा है। परियोजना अधिकारियों के 148 स्वीकृत पदों में से मात्र 80 भरे हुए : उन्होंने बताया कि महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारियों के 148 स्वीकृत पदों में से लगभग 80 पद भरे हुए हैं। आने वाले समय में सेवानिवृत्त के कारण और भी रिक्तियां होनी हैं। सिरसा, पलवल, रेवाड़ी, गुरुग्राम, यमुनानगर जिलों में एक-एक महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्य कर रही हैं।

शेष जिलों में भी काफी रिक्त पद हैं। कुछ परियोजना अधिकारियों के पास 06 व 07 खंडों का अतिरिक्त कार्यभार है। कुछ जिलों में वन स्टाप सेंटर व डीसीपीओ का अतिरिक्त कार्यभार भी उन्हीं के पास है। कार्यालयों में पर्याप्त मात्रा में कंप्यूटर, प्रिंटर नहीं है। खंडों में सुपरवाइजरों व कार्यालय स्टॉफ की भारी कमी है। विभाग द्वारा दिनरात व छुट्टी वाले दिन भी रिपोर्ट देने का दबाव बनाया जा रहा है। आंगनवाड़ी वर्करों को बिना मोबाइल फोन दिए उन पर आनलाइन कार्य का दबाव बनाया जा रहा है।