‘हिंदुस्तानी जलपरी’ Arati Saha ने आज ही के दिन ‘इंग्लिश चैनल’ को पार करके रचा था इतिहास

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भारत की जलपरी आरती साहा का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज है, जिन्होंने आज ही के दिन ‘इंग्लिश चैनल’ पार कर देश का नाम रोशन किया था। आरती साहा, इंग्लिश चैनल पार करने वाली दुनिया की पहली महिला तैराक थी। आरती ने 1959 में आज के दिन यानी 29 सितंबर को महज 18 साल की आयु में यह कमाल कर दिखाया था।

यही नहीं, कोलकाता में जन्मीं आरती पद्मश्री से सम्मानित होने वाली भी पहली भारतीय महिला थी। ‘हिंदुस्तानी जलपरी’ के नाम से मशहूर आरती ने महज 4 साल की उम्र में तैराकी में महारथ हासिल कर ली थी। यही नहीं, उन्होंने 5 साल की कम उम्र में अपना पहला गोल्ड मेडल जीता था और 11 साल की उम्र तक उन्होंने 22 पुरस्कार अपने नाम कर लिए थे।

बता दें कि फ्रांस के केप ग्रिस नेज और इंग्लेंड के सैंडगेट को 16 घंटे में 67.5 किमी में पार करने का रिकॉर्ड भी आरती साहा के नाम ही है। उन्होंने 18 साल की उम्र में इंग्लिश चैनल (English Channel) को पार करने की कोशिश की, लेकिन वो असफल रहीं। हार ना मानते हुए आरती ने दोबारा कोशिश की, जिसमें वो सफल रहीं। साल 1959 में ‘इंग्लिश चैनल’ पार करने के बाद आरती ने विदेशी धरती पर भारतीय ध्वज भी फहराया था।

क्या है इंग्लिश चैनल?
बता दें, इंग्लिश चैनल अटलांटिक महासागर का वो हिस्सा है जो दक्षिणी इंग्लैंड को उत्तरी फ्रांस से अलग करती है। साथ ही यह शाखा उत्तरी सागर को अटलांटिक से जोड़ती है। इसकी लंबाई 560 किमी है, लेकिन स्विमर को इसे पार करने के लिए 35 किमी तैरना पड़ता है। वहीं, समुद्री टाइड (ज्वार) के कारण इसकी दूरी कम या ज्यादा भी हो सकती है।

आरती के नाम से जारी हुआ था डाक टिकट
आरती को सम्मान देने के लिए भारतीय डाक विभाग ने उनके नाम से एक डाक टिकट भी जारी किया था। उस समय वह करियर की ऊंचाई पर थी, लेकिन साल 1994 में वह पीलिया की शिकार हो गई, जिसके कारण उनकी मृत्यु हो गई।