Navratri 4th Day: आज नवरात्रि के चौथे दिन की जा रही मां कुष्मांडा देवी की पूजा, जानिए शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Spread the News

शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधिवत पूजा की जाती है। नवरात्रि के चौथे दिन मां कुष्मांडा देवी जी की पूजा अर्चना की जाती है। माना जाता है कि मां कुष्मांडा देवी ने सृष्टि की रचना की थी। मान्यता यह भी है की मां कुष्मांडा देवी की पूजा अर्चना करने से घर में सुख समृद्धि का वास होता है और कष्ट दूर होते है। आइए जानते है मां कुष्मांडा देवी जी की पूजा के शुभ मुहूर्त और मंत्र के बारे में:

मां कुष्मांडा की पूजा का शुभ मुहूर्त
नवमी तिथि आरंभ- 29 सितंबर को तड़के 1 बजकर 27 मिनट से शुरू
नवमी तिथि समाप्त- 30 सितंबर सुबह 12 बजकर 9 मिनट तक
विशाखा नक्षत्र- 29 सितंबर सुबह 5 बजकर 52 मिनट से 30 सितंबर सुबह 5 बजकर 13 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11 बजकर 35 मिनट से दोपहर 12 बजकर 22 मिनट तक

कैसा है मां कुष्मांडा का स्वरूप?
मां कुष्मांडा नौ देवियों में से चौथा अवतार माना जाता है। मां कुष्मांडा की आठ भुजाएं होती है। इसी कारण उन्हें अष्ठभुजा के नाम से जाना जाता है। बता दें कि मां के एक हाथ में जपमाला होता है। इसके साथ ही अन्य सात हाथों में धनुष, बाण, कमंडल, कमल, अमृत पूर्ण कलश, चक्र और गदा शामिल है।

ऐसे करें मां कुष्मांडा की पूजा
इस दिन सुबह उठकर सभी कामों ने निवृत्त होकर स्नान आदि कर लें। इसके बाद विधिवत तरीके से मां दुर्गा और नौ स्वरूपों के साथ कलश की पूजा करें। मां दुर्गा को सिंदूर, पुष्प, माला, अक्षत आदि चढ़ाएं। इसके बाद मालपुआ का भोग लगाएं और फिर जल अर्पित करें। इसके बाद घी का दीपक और धूप जलाकर मां दुर्गा चालीसा , दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। इसके साथ ही इस मंत्र का करीब 108 बार जाप जरूर करें।

मंत्र- ‘ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं कुष्मांडा नम: