हरियाणा में पंजाबी को दूसरी भाषा का दर्जा, लेकिन नहीं हो रही पंजाबी शिक्षकों की भर्ती

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चंडीगढ़: हरियाणा में भले ही पंजाबी को दूसरी भाषा का दर्जा प्राप्त हो, लेकिन प्रदेश में पिछले लंबे समय से पंजाबी के शिक्षकों की भर्ती नहीं हो रही है। यह आलम तब है, जब प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल अगस्त 2019 को सिरसा में गुरुनानक देव के 550वें प्रकाशोत्सव पर राज्य में 400 पंजाबी शिक्षकों की भर्ती को लेकर घोषणा कर चुके हैं। बावजूद इसके विभाग की तरफ से इस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसे लेकर पंजाबी अध्यापक संघ में खासा रोष है और वीरवार को इसी रोष स्वरूप संघ के पदाधिकारियों ने अलग हरियाणा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष जगदीश सिंह झिंडा को पंजाबी शिक्षकों की भर्ती को लेकर मांग पत्र भी सौंपा है।

पीजीटी-टीजीटी पंजाबी शिक्षकों के पद खाली पंजाबी अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि शिक्षा विभाग प्रदेश में पंजाबी शिक्षकों के सरप्लस पद बता रहा है जबकि रेशनेलाइजेशन के तहत आज भी प्रदेश में पीजीटी पंजाबी के 223 और टीजीटी पंजाबी के 451 पद खाली पड़े हैं। जिस पर विभाग को जल्द भर्ती करके बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने के अवसर उपलब्ध करवाने चाहिए। संघ के प्रदेशाध्यक्ष ने बताया कि इसे लेकर वह प्रदेश के शिक्षा मंत्री सहित कई मंत्रियों से मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन आज तक किसी ने पंजाबी शिक्षकों की भर्ती को लेकर ठोस आश्वासन नहीं दिया। प्रदेशाध्यक्ष का कहना है कि अभी हाल ही में बीती 18 अगस्त को सिरसा में जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को अगस्त 2019 में की गई पंजाबी शिक्षकों की भर्ती को लेकर घोषणा भी याद दिलाई।

इस पर मुख्यमंत्री ने जल्द पंजाबी शिक्षकों की भर्ती करने का आश्वासन दिया था। एचएसएससी को भेजी भर्ती में पंजाबी शिक्षकों का नहीं हवाला धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि फरवरी 2020 में टीजीटी पंजाबी के 176 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए एचएसएससी को लिखा गया था। जिसे लेकर आयोग ने अभ्यर्थियों से आवेदन भी करवा लिए थे, लेकिन मार्च 2022 में इस भर्ती को वापस ले लिया था। अभी शिक्षा विभाग द्वारा अलग-अलग पदों पर 7471 शिक्षकों की भर्ती को लेकर एचएसएससी को लिखा गया है, जो विज्ञापित भी हो चुके हैं, लेकिन इसमें पंजाबी शिक्षकों की भर्ती को लेकर कोई जिक्र नहीं किया गया है जबकि विभाग द्वारा आयोग को भेजे गए पदों की भर्ती में उर्दू, संस्कृति, अंग्रेजी, आर्टस सहित अन्य विषय शामिल हैं। उनका कहना है कि विभाग को जल्द से जल्द प्रदेश में पंजाबी शिक्षकों की भर्ती करनी चाहिए ताकि बच्चों को पंजाबी विषय पढ़ने का अवसर मिल सके।