Navratri 7th Day: आज नवरात्रि का सातवां दिन मां कालरात्रि जी को है समर्पित, जानिए पूजा की विधि के बारे में

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आज नवरात्री का सातवां दिन है। नवरात्री के सातवां दिन मां दुर्गा जी के सातवां स्वरूप मां कालरात्रि जी को समर्पित किया जाता है। माना जाता है की नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि जी की पूजा करने से सभी सुखों की प्राप्ति होती है। माता कालरात्रि के हाथों में खड्ग और कांटा है। गधा देवी का वाहन है। ये भक्तों का हमेशा कल्याण करती हैं। आइए जानते है मां जी कालरात्रि की पूजा के शुभ मुहूर्त, पूजा विधि के बारे में:

शास्त्रों के अनुसार आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि शनिवार, 01 अक्टूबर को रात 08 बजकर 46 मिनट से प्रारंभ होगी और रविवार, 02 अक्टूबर को शाम 06 बजकर 47 मिनट तक रहेगी। नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा करने से जीवन के सारे दुख, सारे संकट खत्म हो सकते हैं।

मां कालरात्रि की पूजा विधि
नवरात्रि के सातवें दिन मां के समक्ष घी का दीपक जलाएं। देवी को लाल फूल अर्पित करें. साथ ही गुड़ का भोग लगाएं। देवी मां के मंत्रों का जाप करें या सप्तशती का पाठ करें. फिर लगाए गए गुड़ का आधा भाग परिवार में बाटें. बाकी आधा गुड़ किसी ब्राह्मण को दान कर दें। इस दिन काले रंग के वस्त्र धारण करके तंत्र-मंत्र की विद्या से किसी को नुकसान ना पहुंचाएं।

श्वेत या लाल वस्त्र धारण करके रात्रि में मां कालरात्रि की पूजा करें। मां के समक्ष दीपक जलाएं और उन्हें गुड का भोग लगाएं। इसके बाद 108 बार नवार्ण मंत्र पढ़ते जाएं और एक एक लौंग चढ़ाते जाएं। नवार्ण मंत्र है – “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे.” उन 108 लौंग को इकठ्ठा करके अग्नि में डाल दें। आपके विरोधी और शत्रु शांत होंगे।