Congress अध्यक्ष के चुनाव के लिए दिशा-निर्देश हुए जारी, पद पर रहते नेता किसी एक उम्मीदवार के पक्ष में नहीं कर सकते प्रचार

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नई दिल्लीः कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव अब तय है। 17 अक्टूबर को मत डाला जाएगा और 19 अक्टूबर को वोटों की गिनती होगी। यह मुकाबला मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर के बीच होगा। कांग्रेस इलेक्शन अथॉरिटी सभी राज्यों में वोट डालने का प्रबंध कर रही है। सभी राज्यों में बैलट बॉक्स और बैलट भेजा जाएगा। यात्रा में शामिल मेंबर पोस्टल बैलेट के जरिए वोट डालेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव के लिए आज गाइडलाइन जारी कर दिया गया है। गाइडलाइन में चुनाव को फेयर और निष्पक्ष करवाने की बात कही गई है। कोई भी उम्मीदवार पार्टी का अधिकृत या गांधी परिवार का उम्मीदवार नही है। जारी गाइडलाइन इस तरह हैं-

*सभी राज्यों के प्रदेश रिटर्निंग ऑफिसर को उनके ही संबंधित राज्य में पोलिंग ऑफिसर बनाया गया है। PRO का काम बूथ मैनेजमेंट और निष्पक्ष चुनाव कराना है।

*मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर अपने निजी कैपेसिटी में चुनाव लड़ रहे हैं। इसलिए पीसीसी डेलीगेट इन दोनो में से किसी उम्मीदवार को चुनने के लिए स्वतंत्र हैं।

*कांग्रेस का केंद्रीय और प्रांतीय को पदाधिकारी, प्रवक्ता किसी भी उम्मीदवार के पक्ष में या विरोध में चुनाव प्रचार नही करेगा। अगर कोई किसी उम्मीदवार के पक्ष में चुनाव प्रचार करना चाहता है तो उसे पहले अपने पद से इस्तीफा देना होगा।

*सभी प्रदेश अध्यक्ष उम्मीदवारों के उनके राज्य में प्रचार के लिए आने पर शिष्टाचार स्वागत करेंगे।

*प्रदेश अध्यक्ष उम्मीदवारों को उनके राज्य में आने पर प्रदेश मुख्यालय मे सिर्फ लॉजिस्टिक मदद कर सकते हैं। डेलीगेट के साथ मीटिंग या कैंपेन का काम उम्मीदवार के प्रस्तावक करेंगे।

*चुनाव के दौरान कोई उम्मीदवार वोटरों को लाने ले जाने के लिए गाड़ी का इस्तेमाल नहीं करेगा। न ही कोई ऐसी पैंफलेट बांटेगा जो अनुशासनहीनता की परिधि में आता है। ऐसे करने पर उम्मीदवारी तो रद्द होगी ही उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक करवाई भी की जाएगी।

*इस बात का पूरा ध्यान रखा जाए की किसी उम्मीदवार के प्रति कोई गलत कैंपेन न किया जाय। जिस से पार्टी की छवि को नुकसान हो। चुनावी प्रक्रिया की मर्यादा को सभी को ध्यान में रखना है।

कांग्रेस के इलेक्शन अथॉरिटी ने गाइडलाइन जारी कर यह साफ संकेत दे दिया है कि भले ही उम्मीदवार दो ही हो लेकिन चुनाव प्रचार से लेकर मतदान तक किसी भी प्रकार की धांधली, गलत कैंपेन, प्रलोभन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही चुनाव को निष्पक्ष बनाने के लिए कोई भी नेता या पदाधिकारी पद पर रहते हुए किसी एक उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार नहीं कर सकता। कांग्रेस पार्टी अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रही है कि कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव को लोकतांत्रिक, निष्पक्ष और पारदर्शी दिखाया जाए।