शीर्ष नेताओं के देखभाल से चीन-मंगोलिया संबंध के विकास को बढ़ावा मिला

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चीन और मंगोलिया के बीच 47 हजार से अधिक लंबी सीमा रेखा है।ऐसी करीब भौगोलिक स्थिति ने चीन और मंगोलिया के बीच मैत्रीपूर्ण सहयोग के लिए विशिष्ट लाभकारी शर्त तैयार की है। उधर, दोनों देशों के नेताओं के शीर्ष स्तरीय डिजाइन और देखभाल से नये युग में चीन-मंगोलिया संबंधों के विकास को बड़ा बढ़ावा मिला है और कई अविस्मरणीयलम्हें भी छोड़े गये हैं।

अगस्त 2014 में चीनी राष्ट्रपति शीचिनफिंगने मंगोलिया की राजकीय यात्रा की।उलानबतारपहुंचते ही उन्होंने कहा कि मेरी मौजूदा यात्रा रिश्तेदार देखने जैसी यात्रा है।इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को चौतरफा रणनीतिक साझेदारी तक उन्नत करने की घोषणा की।शी ने मंगोलिया के संसद को संबोधन करते समय पड़ोसी देशों के प्रति चीन के रूख पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विश्व में चीन के पड़ोसी देशों की संख्या सबसे ज्यादा है।चीन इसे मूल्यवान संपत्ति के रूप में देखता है।चीन शांतिपूर्ण विकास के रास्ते पर कायम रहेगा और विभिन्न देशों को शांतिपूर्ण विकास के रास्ते पर चलने के लिए बढ़ाएगा।चीनमंगोलिया समेत पड़ोसी देशों के लिए समान विकास का मौका व स्पेस प्रदान करने को तैयार है।उन्होंने पड़ोसियों के बीच मौजूद मतभेद की चर्चा में कहा कि हमें पूर्व की बुद्धिमता से समस्या का समाधान कर सौहार्द बढ़ाना चाहिए।

27 फरवरी, 2020 को तत्कालीन मंगोलियाई राष्ट्रपति खाल्तमाबातुलगाने पेइचिंग पहुंचकर विशेष तौर पर कोविड-19 महामारी से जूझ रहे चीन का अभिवादन और समर्थन व्यक्त किया,जो कोविड-19 महामारी पैदा होने के बाद चीन की यात्रा करने वाले पहले विदेशी राष्ट्राध्यक्ष बन गये।उन्होंने मंगोलियाई जनता की ओर चीनी पक्ष को 30 हजार भेड़ प्रदान किये।मंगोलिया के रीति-रिवाज के अनुसार भेड़ सिर्फ सबसे करीब लोगों को दिया जाता है।30 हजार भेड़ मिलने के बाद चीन के हुपेइ प्रांत ने मंगोलियाई जनता को सामग्री भी भेंट की,जिनमें महामारी-रोधी उपकरण के अलावा मंगोलियाई जनता की पसंदीदा पेयजलब्रिकटी शामिल है। कोविड-19 महामारी होने के बाद चीन और मंगोलिया ने एक दूसरे का समर्थन किया और दोनों देशों व दोनों देशों की जनता के बीच मित्रता का नया अध्याय लिखा।

(साभार—चाइना मीडियाग्रुप ,पेइचिंग)