जानिए Covid-19 किस तरह हमारे Heart को पहुंचाता है नुकसान

संक्रमण हृदय के ऊतकों में मौजूद डी.एन.ए. को नुक्सान पहुंचाता है। इंμलुएंजा से संक्रमित मरीजों के मामले में ऊतकों के डी.एन.ए. में नुक्सान देखने को नहीं मिला। अनुसंधानकर्त्ताओं ने कहा कि कोविड-19 और इंलुएंजा, दोनों ही श्वास तंत्र से जुड़े गंभीर संक्रामक रोग हैं, लेकिन इनके हृदय के ऊतकों को अलगअलग तरीके से प्रभावित करने के संकेत मिले हैं। अनुसंधान दल में शामिल अरुथ कुलसिंघे के मुताबिक, कोविड-19 ने मरीजों में 2009 में फैली इफ्लुंएजा महामारी के मुकाबले ज्यादा गंभीर और दीर्घकालिक हृदयरोगों को जन्म दिया है, लेकिन आणविक स्तर पर इसका क्या कारण था, यह ज्ञात नहीं था।

उन्होंने कहा, हमारे अनुसंधान में हमें कोविड19 से संक्रमित मरीजों के हृदय के ऊतकों में वायरस के अंश नहीं मिले, लेकिन हमने उनमें डी.एन.ए. में नुक्सान और उसकी मुरम्मत से जुड़े बदलाव जरूर दर्ज किए। कुलसिंघे के अनुसार, डी.एन.ए. में नुक्सान और उसकी मुरम्मत की प्रक्रिया डायबिटीज, कैंसर, एथेरोस्क्लेरोसिस (हृदय की धमनियों में वसा जमने से रक्त प्रवाह बाधित होना) और न्यूरोडिजनरेटिव विकार (ऐसी बीमारियां, जिनमें तंत्रिका तंत्र की कोशिशकाएं या तो नष्ट हो जाती हैं या फिर काम करना बंद कर देती हैं) जैसी दीर्घकालिक बीमारियों से संबंधित है, लिहाजा यह जानना अहम है कि कोविड-19 के मरीजों में ऐसा क्यों होता है।

उन्होंने कहा कि हृदय पर कोविड-19 के असर से संबंधित डाटा पहले सिर्फ खून में मौजूद बायोमार्कर और रक्तचाप, हृदयगति सहित अन्य कारकों पर आधारित था, क्योंकि हृदय की बायोप्सी के लिए नमूने हासिल करने की प्रक्रिया जटिल है। हालांकि, ‘जर्नल इम्यूनोलॉजी’ के हालिया अंक में प्रकाशित इस अनुसंधान के लिए ब्राजील में कोविड-19 से जान गंवाने वाले सात मरीजों, इंलुएंजा से दम तोड़ने वाले दो रोगियों और छह ऐसे मरीजों के पोस्टमार्टम के दौरान लिए गए हृदय के ऊतकों का इस्तेमाल किया गया, जो न तो कभी इफ्लुंएजा और न ही कोविड-19 से संक्रमित हुए थे। इस अनुसंधान से पता चला कि कोविड-19 अन्य श्वास संक्रमणों के मुकाबले शरीर को कैसे प्रभावित करता है।

इफ्लुंएजा से संक्रमित व्यक्ति के हृदय के ऊतकों में अत्यधिक सूजन
अनुसंधान दल से जुड़े प्रो. जॉन फ्रेजर ने बताया, जब हमने इफ्लुंएजा से संक्रमित व्यक्ति के हृदय के ऊतकों के नमूनों का अध्ययन किया तो पाया कि उसमें अत्यधिक सूजन थी। वहीं, कोविड-19 से जान गंवाने वाले मरीजों के संबंध में हमने देखा कि कोरोना वायरस हृदय के डी.एन.ए. पर हमला करता है, वो भी संभवत: सीधे, न कि बाहर से केवल सूजन के रूप में।