चीन की क्रय शक्ति से थाईलैंड के फल उत्पादकों को मिला फायदा

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थाईलैंड दुनिया में डूरियन का उत्पादन और निर्यात का सबसे बड़ा देश है। हर साल थाईलैंड में 10 लाख टन से अधिक डूरियन का उत्पादन होता है, जिसमें 80 प्रतिशत से ज्यादा चीन को निर्यात किया जाता है।

10 साल पहले अधिकांश चीनी लोग डूरियन के बारे में नहीं जानते थे। चीन में तेज आर्थिक विकास और चीन व थाईलैंड के बीच आर्थिक व व्यापारिक आदान-प्रदान बढ़ने के चलते बड़ी मात्रा में डूरियन चीन को बेचा जाने लगा। डूरियन की कीमत प्रति किलो लगभग 30 टीएचबी से बढ़कर 120 टीएचबी तक जा पहुंची। ऑफ-पीक सीजन में प्रति किलो 200 टीएचबी में बेचा जा सकता है। थाईलैंड के फल उत्पादकों को इससे बड़ा फायदा मिला।

थाईलैंड के डूरियन संघ के प्रमुख फानुसाकी ने कहा कि हाल के वर्षों में दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों ने चीन को अधिकाधिक फल निर्यात किया। इसके चलते डूरियन के निर्यातकों का ध्यान राजमार्ग से चीन-लाओस रेलवे तक खिंचा गया। ऐसे में परिवहन की क्षमता उन्नत हुई।

फानुसाकी ने कहा कि मलेशिया और वियतनाम में उत्पादित डूरियन के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए संघ ने सोशल मीडिया में थाईलैंड के डूरियन का प्रचार-प्रसार शुरू किया। चीन में आर्थिक विकास तेज होने के चलते चीन के बाजार में डूरियन की मांग तेजी से बढ़ी। इससे थाईलैंड के ड़ूरियन व्यवसाय का बड़ा विकास हुआ।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)