बाजार में बिक रही मिलावटी मिठाइयां, सेहत विभाग नहीं कर रही कार्रवाई

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तरनतारन: दीपावली त्यौहार के नजदीक आते ही मिठाई सहित अन्य खाद्य पदार्थों की मांग काफी बढ़ जाती है। त्योहारों में आमतौर पर मिठाई नहीं खाने वाले लोग भी खरीदारी करते हैं। मांग की तुलना में आपूर्ति कम होने का फायदा उठाने का मौका कुछ व्यवसायी-दुकानदार नहीं चूकते है और मिलावटी मिठाई का धंधा शुरू हो जाता है। तरनतारन शहर और आसपास के क्षेत्रों में भी इन दिनों मिलावटी मिठाई का कारोबार जोरों पर है, जो स्वास्थ्य के लिए काफी नुकसानदेह है। सबसे बड़ी बात यह है कि सेहत विभाग की ओर से इसे रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाया जा रहा है, जिससे इलाके के मिठाई कारोबारियों के हौंसले बुलंद बने हुए हैं।

गौरतलब है कि दीपावली त्यौहार के आते ही तरनतारन शहर और आसपास के क्षेत्रों में मिठाई दुकानों पर सिंथेटिक दूध, नकली मावे से बनी हुई मिठाइयां बिकना शुरू हो गई हैं। स्थानीय निवासी पवन सिंह, सचिनदीप सिंह, कुलजीत सिंह और हरमी सिंह बताते हैं कि नकली दूध और मावे से बनी मिठाइयों के साथ दुकानों पर नकली सोनपपड़ी बड़ी मात्र में बिक रही है। स्थिति यह है कि दुकानदार नकली सोनपपड़ी बाहर से खरीदकर लाते हैं और अपनी दुकान में लोगों को महंगे दाम पर बेच रहे है। खास बात यह है कि सेहत विभाग को इस बारे में जानकारी होने के बाद भी उनके द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

मिठाइयों पर नहीं लिख रहे एक्सपायरी डेट
तरनतारन शहर निवासी प्रगट सिंह, कुलदीप शर्मा, दिनेश कुमार, बलजीत सिंह का कहना है कि शासन के नियम के अनुसार मिठाई दुकानदार का मिठाई के ऊपर एक्सपायरी डेट लिखना जरूरी है। लेकिन इलाके में कोई मिठाई दुकानदार एक्सपायरी डेट नहीं लिखे हुए है।

सिविल सजर्न से मांगी रिपोर्ट: डी.सी
डिप्टी कमिश्नर मोनीश कुमार का कहना है कि मिलावटखोरी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी। त्यौहारों के सीजन को लेकर चैकिंग लिए टीमों की ड्यूटी लगाई गई है। अब तक क्या कार्रवाई की गई है, इस बाबत सिविल सजर्न से रिपोर्ट मांगी जा रही है। मिलावटखोरी करने वालों खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। लोगों की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त से बाहर है।