पोटाला महल में एक करोड़ से अधिक कीमती प्राचीन पत्र सूत्रों की जांच और पंजीकरण पूरा

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तिब्बत स्वायत्त प्रदेश में 8 अक्तूबर को आयोजित “तिब्बत में दस वर्ष” शीर्षक पत्रकार सम्मेलन से मिली खबर के अनुसार, 2018 के अंत में विश्व सांस्कृतिक विरासत पोटाला महल की प्राचीन पुस्तकों और दस्तावेजों के संरक्षण और उपयोग की परियोजना शुरू होने के बाद से, विभिन्न संरक्षण और उपयोग कार्यों को स्थिर रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है। अब तक, एक करोड़ से अधिक कीमती प्राचीन पत्र सूत्रों की जांच और पंजीकरण कार्य पूरा हो चुका है।

बताया गया है कि अब तक, तिब्बत ने पोटाला महल प्राचीन पुस्तकों व दस्तावेजों (पत्र सूत्र) की सुरक्षा और उपयोग परियोजना (2019-2028) की समग्र योजना को संकलित और पूरा किया। सुरक्षित 49 हज़ार पत्र सूत्रों के 1.23 करोड़ पत्तों के दस्तावेज़ीकरण कार्य को पूरा किया गया और मिंग राजवंश के योंग-ल काल में (1403-1424) प्रकाशित तिब्बती प्राचीन वीर गाथा “कांग्यूर” सहित प्राचीन पुस्तकों और दस्तावेजों की जांच और रिपोर्ट को पूरा किया गया।

बता दें कि पोटालो महल में बहुत ज्यादा प्राचीन पुस्तकें और दस्तावेज़ सुरक्षित हैं। असंपूर्ण आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में पोटोला महल में चीनी, तिब्बती, मांचू, मंगोलियाई, संस्कृत आदि कई भाषाओं में हजारों कीमती प्राचीन पुस्तकें और दस्तावेज हैं, जिनके विषयों में धर्म, वास्तुकला, कला, चिकित्सा, इतिहास, भाषा, साहित्य, और दर्शन आदि क्षेत्र शामिल हैं।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)