राय बुलार भट्टी के वंशजों को नहीं मिला वीजा, SGPC के कार्यक्रम में लेना था भाग

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अमृतसर: पाकिस्तान के लाहौर में गुरुद्वारा ननकाना साहिब के लिए भूमि दान करने वाले राय बुलार भट्टी के वंशजों को वीजा देने से इंकार कर दिया है। उन्होंने बताया कि उन्हें अमृतसर के स्वर्ण मंदिर आने के लिए वीजा देने से इनकार कर दिया गया है।

बता दें कि भट्टी परिवार को 15 अक्टूबर को स्वर्ण मंदिर परिसर संग्रहालय में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेना था। संग्रहालय में 15वीं शताब्दी के मुस्लिम जमींदार व गुरु नानक देव के शिष्य राय बुलार भट्टी की तस्वीर लगी हुई है। राय बुलार भट्टी ने लाहौर में गुरुद्वारा ननकाना साहिब के लिए 18,500 एकड़ जमीन दान की थी। पाकिस्तान के लाहौर से फोन पर ‘पीटीआई-भाषा’ से बात करते हुए, लाहौर उच्च न्यायालय के एक प्रख्यात वकील और राय बुलार भट्टी की 19वीं पीढ़ी के सदस्य राय सलीम भट्टी ने एसजीपीसी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उन्हें और उनके परिवार को वीजा नहीं दिए जाने पर निराशा जताई।

भट्टी ने कहा कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ जब उन्हें भारत आने के लिए वीजा नहीं दिया गया। भट्टी ने कहा कि उन्हें वर्ष 2018, 2019 और 2020 में वीजा नहीं दिया गया था।