चीन की बिजली आपूर्ति जी 7 देशों की कुल संख्या से भी अधिक है

बिजली की आपूर्ति को सबसे अहम बुनियादी ढांचा माना जाता है। सामान्यतया, किसी एक देश की बिजली की खपत इस देश के औद्योगिक पैमाने और विकास स्तर का प्रतिनिधित्व करती है। पिछली शताब्दी में चीन को भी बिजली की कमी का सामना करना पड़ा था, और कई बड़े शहरों में बिजली कटौती की समस्याएं मौजूद रही थीं। हालांकि, वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद, चीन ने विद्युत ऊर्जा सुविधाओं के निर्माण में काफी प्रगतियां प्राप्त की हैं, आज चीन की विद्युत आपूर्ति पश्चिम के जी 7 देशों की कुल संख्या को पार कर दुनिया में पहले स्थान पर है।

वर्षों के विकास के बाद, चीन दुनिया में सबसे बड़ा ऊर्जा उत्पादक बन गया है। इसने एक देशव्यापी ऊर्जा अवसंरचना नेटवर्क बनाया है, जो आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए ऊर्जा की मांग को प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करता है। चीन ने 2.47 बिलियन किलोवाट बिजली उत्पादन क्षमता की स्थापना की है, जो पश्चिम के जी 7 देशों की कुल स्थापित क्षमता से अधिक है। इसके अलावा, 2.26 मिलियन किलोमीटर की लंबाई के साथ 35 केवी और उससे ऊपर की ट्रांसमिशन लाइन निर्मित हो चुके हैं, 33 यूएचवी ट्रांसमिशन चैनल परिचालन में आ गए हैं। पिछले दस वर्षों में, चीन में ऊर्जा उत्पादन की वार्षिक वृद्धि दर 2.4% रही, जिसने राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की औसत वार्षिक वृद्धि दर 6.6% का समर्थन किया है। और ऊर्जा आत्मनिर्भरता दर 80% से अधिक पर बनी रही है। गौरतलब है कि चीन के बिजली निर्माण में हरित ऊर्जा का योगदान लगातार बढ़ता जा रहा है। अक्षय ऊर्जा बिजली उत्पादन की कुल स्थापित क्षमता 1.1 बिलियन किलोवाट से अधिक है, जो एक दशक पहले की तुलना में तीन गुना अधिक है। और यह दुनिया में अक्षय ऊर्जा की कुल संख्या का 30% से अधिक है। चीन में निर्माणाधीन पनबिजली, पवन ऊर्जा, फोटोवोल्टिक, बायोमास बिजली उत्पादन और परमाणु ऊर्जा की स्थापित क्षमता दुनिया में पहले स्थान पर है।

वहीं, चीन ने 40 लाख चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी बनाया है जो भी दुनिया में सबसे बड़ा होता है। चीन में कुल 270 हाइड्रोजन ईंधन भरने वाले स्टेशन बनाए गए हैं, जो विश्व का लगभग 40% है, जो दुनिया में पहले स्थान पर है। चीन में गैर-जीवाश्म ऊर्जा खपत दुनिया का लगभग एक चौथाई हिस्सा रहा है, जो दुनिया में पहले स्थान पर है। चीन के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा बुनियादी ढांचे में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, और प्रति व्यक्ति के लिए बिजली की खपत यूनाइटेड किंगडम और इटली की तुलना में अधिक है। चीन सभी विकासमान देशों में पहला देश बना है जिसमें हर व्यक्ति के लिए बिजली का सेवन कराया जाता है। चीन में 26.36 मिलियन किलोवाट की फोटोवोल्टिक गरीबी उन्मूलन परियोजना भी पूरी हो चुकी है, जिससे एक लाख गांवों तथा 4.15 मिलियन गरीब परिवारों को लाभ मिला है। देश के उत्तरी क्षेत्रों में स्वच्छ ताप दर 73.6% तक पहुंच गई है।

ऊर्जा निर्माण के विकास के साथ-साथ चीन में हाई-स्पीड रेलवे, राजमार्ग और पावर ग्रिड जैसे बुनियादी ढांचे के निर्माण में भी गति दी गयी है। 2021 के अंत तक, चीन के व्यापक परिवहन नेटवर्क का कुल माइलेज 6 मिलियन किलोमीटर से अधिक हो गया है, 220 kV और उससे ऊपर की ट्रांसमिशन लाइनें 794,000 किलोमीटर तक पहुंच गई हैं, और ऑप्टिकल केबल लाइनों की कुल लंबाई 54.81 मिलियन किलोमीटर तक पहुंच गयी है। इन के अतिरिक्त सुपर हाई-स्पीड रेल, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और नेशनल ग्रिड तथा 4G नेटवर्क स्केल भी दुनिया में पहले स्थान पर रहते हैं।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)