विश्व हिम तेंदुआ दिवस: आइए एक साथ प्यारी “बड़ी बिल्ली” की रक्षा करें

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हर वर्ष के 23 अक्तूबर को विश्व हिम तेंदुआ दिवस मनाया जाता है। हिम तेंदुओं की रक्षा करने के लिये इस दिवस की स्थापना की गयी। हिम तेंदुआ एक प्रकार की बड़ी बिल्ली है जो अक्सर हिम रेखा के पास और बर्फ में चलती है, इसलिए इसका नाम “हिम तेंदुआ” पड़ा।

हिम तेंदुओं के लिए चीन मुख्य देश है, जो पूरे हिम तेंदुए के आवास का 60 प्रतिशत हिस्सा है। हिम तेंदुए छिंगहाई-तिब्बत पठार, पामीर पठार, थ्येनशान पर्वत, अल्ताई पर्वत, पश्चिमी चीन और पूर्वी मध्य एशिया के अन्य उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में रहते हैं। 17 वर्ष पहले हिम तेंदुआ चीन की राष्ट्रीय प्रमुख संरक्षित वन्यजीव सूची में शामिल हुआ। वर्ष 2004 से छिंगहाई-तिब्बत पठार पर संरक्षण कार्य शुरू हुआ, जहां हिम तेंदुए रहते हैं। हाल के कई वर्षों में वन्यजीवों की रक्षा के लिए तिब्बत लगातार प्रयास कर रहा है। जंगली जानवरों की रक्षा करने की अवधारणा धीरे-धीरे लोकप्रिय हो रही है। जंगली जानवरों के आवास में भी काफी सुधार हुआ है। और पठारी जैव विविधता निरंतर रूप से उन्नत हो रही है।

हाल के कई वर्षों में तिब्बत ने करोड़ों युआन का निवेश करके क्रमशः 120 से अधिक परियोजनाओं को कार्यान्वित किया है। जैसे कि जानवरों के बहुत छोटे समूहों के बचाव और प्रजनन, प्रकृति भंडार के बुनियादी ढांचे का निर्माण, आर्द्रभूमि संरक्षण और बहाली परियोजनाएं, पायलट आर्द्रभूमि पारिस्थितिक लाभ मुआवजा, और जंगली पशु महामारी रोग निगरानी स्टेशनों और बचाव स्टेशनों का निर्माण। जिससे तिब्बती वन्यजीवों की संख्या में इजाफा हुआ है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)