Hanuman Jayanti: आज मनाई जा रही है हनुमान जयंती, इस विधि और शुभ मुहूर्त में करें भगवान हनुमान जी की पूजा मिलेगा लाभ

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दिवाली से एक दिन पहले हनुमान जयंती मनाई जाती है। यह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी ​तिथि को मनाई जाती है। हनुमान जयंती को काली चौदस और हनुमान पूजा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन विशेष रूप से भगवान हनुमान जी की पूजा अर्चना की जाती है और अपने सुखी जीवन की कामना करते है ताकि हम पर भगवान हनुमान जी की कृपा हमेशा बनी रहे। आइए जानते है इस बार कब मनाई जा रही है हनुमान जयंती और क्या है पूजा के शुभ मुहूर्त पर इसका महत्व:

हनुमान जयंती 2022 तिथि
काशी विश्वनाथ ऋ​षिकेश पंचांग के अनुसार, इस साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का प्रारंभ 23 अक्टूबर दिन रविवार को शाम 05 बजकर 04 मिनट से हो रहा है. इस​ तिथि का समापन अगले दिन 24 अक्टूबर सोमवार को शाम 05 बजकर 04 मिनट पर हो रहा है.

अत: चतुर्दशी तिथि को शाम के समय में मेष लग्न में श्री हनुमान जी के जन्म का विधान है. ऐसे में दिवाली से ए​क दिन पूर्व 23 अक्टूबर को हनुमान जयंती मनाई जाएगी और हनुमान जी की विधिपूर्वक पूजा की जाएगी.

दिवाली 2022 हनुमान पूजा का मूहूर्त
हनुमान जयंती ​के अवसर पर वीर हनुमान जी की पूजा का शुभ मुहूर्त 23 अक्टूबर को रात 11 बजकर 40 मिनट से देर रात 12 बजकर 31 मिनट तक है. इस दिन बजरंगबली की पूजा के लिए 50 मिनट से अधिक समय मिलेगा.

सर्वार्थ सिद्धि योग में हनुमान जयंती 2022
इस साल हनुमान जयंती सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग में है. हनुमान जयंती को सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन है, वहीं अमृत सिद्धि योग दोपहर 02 बजकर 34 मिनट से अगले दिन 24 अक्टूबर को सुबह 06 बजकर 27 मिनट तक है. इसके अलावा इस दिन इन्द्र योग प्रात:काल से लेकर शाम 04 बजकर 07 मिनट तक है.

सर्वार्थ सिद्धि योग में पूजा पाठ करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं क्योंकि यह योग सभी प्रकार के मनोरथ को सिद्ध करने वाला है. इस योग में आप भी पूजा करने हनुमान जी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं.

दिवाली पूर्व हनुमान पूजा का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी कहते हैं, इस दिन नकारात्मक शक्तियां प्रभावी होती हैं, उनको दूर करने के लिए दिवाली से एक दिन पूर्व हनुमान जी की पूजा करते हैं. हनुमान जी की पूजा करने से सभी प्रकार के रोग, दोष तो दूर होते ही हैं, हर तरह की नकरात्मकता भी खत्म हो जाती है.