हरियाणा सरकार का किसानों को तोहफा, पराली प्रबंधन योजना के लिए करवाएं ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

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सिरसा: हरियाणा सरकार की ओर से किसानों को खेत में धान की पराली को मिट्टी में मिलाने और उनकी गांठें बनाने के लिए एक हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जिसके लिए किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण करवाना अनिवार्य है।

उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने कहा कि किसान अधिक से अधिक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाएं ताकि उन्हें योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि पराली प्रबंधन करने वाले किसानों को भी प्रोत्साहन राशि दी जाती है। पराली प्रबंधन के लिए हरियाणा सरकार द्वारा पंजीकृत गौशालाओं को किसान के खेत से पराली उठाने के लिए परिवहन प्रोत्साहन राशि 500 रुपये प्रति एकड़ तथा अधिकतम 15 हजार रुपये प्रति गौशाला दी जाएगी। उन्होंने जिला के सभी किसानों से अपील की कि किसान अपने खेतों में धान की पराली को न जलाए बल्कि सरकार द्वारा पराली प्रबंधन के लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ उठाएं।

उप निदेशक कृषि डॉ. बाबूलाल ने बताया कि सरकार द्वारा फसल अवशेषों का सही प्रबंधन करने के लिए कृषि यंत्रों पर अनुदान भी दिया जाता है, जिसके तहत स्ट्रा बेलर मशीन पर अधिकतम छह लाख रुपये तथा स्ट्रा रैक मशीन पर 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि जिला में पिछले चार वर्षों के दौरान 178 स्ट्रा बेलर मशीन किसानों द्वारा खरीदी गई तथा इस समय जिला में करीब 2200 सुपर सीडर मशीन किसानों के पास हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसान इन मशीनों का उचित ढंग के साथ उपयोग करें तो रबी फसलों खासकर गेहूं की बिजाई आसानी से की जा सकती है, इसलिए किसान खेत में पराली न जलाकर इन मशीनों के द्वारा सीधे रबी फसलों की बिजाई कर पर्यावरण संरक्षण में अपना अहम योगदान दें।