विश्व उड्डयन उद्योग के ऊर्जा बचत और हरित विकास में चीन का योगदान

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वर्ष 2019 में लाइटवेट कार्बन से निर्मित चीन के पहले 4 सीटर इलेक्ट्रिक विमान ने उत्तर-पूर्व चीन के शनयांग शहर में पहली उड़ान भरी। इस विमान का वजन 1200 किग्रा. और लंबाई 8.4 मीटर है। इसके विंग्स 13.5 मीटर के हैं। इसके बॉडी पार्ट्स में कार्बन फाइबर कंपोजिट का इस्तेमाल किया गया है। इस कारण पारंपरिक विमानों की तुलना में इसका वजन काफी कम है। एक बार पूरी तरह चार्ज होने पर यह विमान 300 किलोमीटर की दूरी तय करने में सक्षम है। एक बार में यह 90 मिनट तक उड़ान भर सकता है।

माना जाता है कि इलेक्ट्रिक विमानों का व्यावसायिक इस्तेमाल व्यवहारिक हो सकता है। क्योंकि ये विमान ध्वनि और वायु प्रदूषण नहीं करते हैं। वहीं बात करें उड्डयन ऊर्जा की तो कम कार्बन वाली अर्थव्यवस्था और हरित पर्यावरण के वैश्विक प्रचार के साथ, नई ऊर्जा प्रणोदन तकनीक दुनिया की विमानन विद्युत प्रणालियों के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण दिशा बन गई है। ग्लोबल वार्मिंग संकट के मुकाबले में, सात विमानन निर्माताओं ने नए विमान और नए प्रणोदन प्रणालियों के विकास के माध्यम से, वर्ष 2050 तक शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन वाले महत्वाकांक्षी लक्ष्य प्राप्त करने का समर्थन करने का वचन दिया है। माना जाता है कि हाइब्रिड पावर और इलेक्ट्रिक विमान का विकास इस लक्ष्य को प्राप्त करने के सबसे विश्वसनीय तरीकों में से एक है। यह न केवल पर्यावरण के संदर्भ में मानव जाति की चिंता है, बल्कि आज की बढ़ती ईंधन लागत, तेल भंडार और अन्य संकटों से निपटने के लिये बनायी गई रणनीतिक योजना भी है। यह उम्मीद की जाती है कि वर्ष 2035 तक, दुनिया में कम से कम 45 फीसदी एयरक्राफ्ट्स का ड्राइविंग सिस्टम पूरी तरह या आंशिक रूप से इलेक्ट्रिक हो जाएगा।

नई ऊर्जा से चलने वाले विमान अनिवार्य रूप से विमान के शीर्ष-स्तरीय डिजाइन में क्रांति लाएंगे। साथ ही यह भविष्य में उड्डयन उद्योग के विकास के लिए एक अपरिहार्य विकल्प भी बनेंगे। हालांकि उच्च घनत्व वाली बैटरी और हल्की बैटरी जैसे मुद्दे अभी भी नई ऊर्जा से चलने वाले विमानों के समग्र डिजाइन की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। केवल इन समस्याओं को अच्छी तरह से हल करने के बाद इस सोच को वास्तव में अमल में लाया जा सकता है। वर्तमान में हाइब्रिड पावर, विद्युत प्रणाली, उच्च घनत्व वाली बैटरी, इलेक्ट्रिक विमानों के अनुप्रयोग पर्यावरण और स्वायत्त उड़ान नियंत्रण की सुरक्षा जैसे विषय भविष्य में इलेक्ट्रिक विमान उद्योग के विकास के फोकस हैं। अगर हम चीन के बारे में बात करें, तो चीन हमेशा हरित ऊर्जा और संबंधित प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए प्रतिबद्ध रहा है। हालांकि चीन में अगली पीढ़ी के नई ऊर्जा से चलने वाले विमान अभी भी विकास के प्रारंभिक चरण में हैं, लेकिन इसमें व्यापक संभावनाएं और एक उज्ज्वल भविष्य है। क्योंकि चीन में विद्युतीकरण और अन्य नई ऊर्जा के क्षेत्र में प्राप्त की गई बड़ी उपलब्धियों ने भी उड्डयन उद्योग के ऊर्जा बचत और हरित विकास के लिये अच्छा अवसर प्रदान किया है।

उधर 2022 नई ऊर्जा उड्डयन अंतर्राष्ट्रीय मंच का आयोजन 6 से 7 नवंबर को दक्षिण चीन के क्वांगतोंग प्रांत के शनचन शहर में किया जाएगा। जिसके दौरान देश-विदेश से 200 से अधिक विशेषज्ञ इसमें भाग लेंगे और नई ऊर्जा विमान उद्योग के बारे में चर्चा करेंगे। वे इलेक्ट्रिक विमान उद्योग में मौजूदा समस्याओं के संभावित समाधान के लिये विचार-विमर्श करेंगे, ताकि विश्व उड्डयन उद्योग में ऊर्जा बचत और हरित विकास हो सके।

(लेखक:ल्याओ चियोंग, चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)