खुला चीन विश्व विकास में नई उम्मीद जगाएगा

10 नवंबर 2001 को, कतर की राजधानी दोहा में आयोजित डब्ल्यूटीओ के चौथे मंत्री स्तरीय सम्मेलन में चीन के डब्ल्यूटीओ का सदस्य बनने के फैसले को पारित किया गया। उसी साल 11 दिसंबर को चीन डब्ल्यूटीओ का 143वां सदस्य बना। इस साल चीन के डब्ल्यूटीओ का सदस्य बनने की 21वीं वर्षगांठ है। पिछले 21 सालों में चीन में आए तेज विकास खुली स्थिति में हुआ। चीन का विकास दुनिया से अलग नहीं हो सकता। जैसा कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कहा कि खुलापन समकालीन चीन का विशेष प्रतीक है। चीन ने अपना वादा निभाया। 21 सालों में चीन ने लगातार खुलेपन का विस्तार किया, निवेश और व्यावसायिक वातावरण में सुधार किया और अपनी आर्थिक व्यवस्था को अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था से जोड़ने को बढ़ाया। चीन की अर्थव्यवस्था विश्व अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण भाग बन गया है।

20 सालों में चीन की अर्थव्यवस्था का तेज विकास हुआ है। चीन की जीडीपी वर्ष 2001 में 110 खरब युआन से बढ़ कर वर्ष 2021 में 1,140 खरब युआन से अधिक रही। चीन दुनिया की दूसरी बड़ी आर्थिक शक्ति बना। विश्व अर्थव्यवस्था में चीन का अनुपात 4 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत तक जा पहुंचा। विश्व आर्थिक वृद्धि में चीन का योगदान लगातार कई सालों से 30 फीसदी से अधिक रहा। विश्व आर्थिक और व्यापारिक विकास में चीन ने बड़ा योगदान दिया।

चीन में खुलेपन का स्तर भी लगातार उन्नत हुआ। डब्ल्यूटीओ का सदस्य बनने के समय चीन ने टैरिफ स्तर को 9.8 प्रतिशत तक कम करने का वचन दिया था। अब चीन का टैरिफ स्तर वर्ष 2001 में 15.3 प्रतिशत से कम होकर 7.4 प्रतिशत तक आ गया, जो 9.8 प्रतिशत से काफी कम हुआ। चीन का आयात-निर्यात वर्ष 2001 में 5.1 खरब डॉलर से बढ़कर वर्ष 2021 में 60.5 खरब डॉलर तक जा पहुंचा, वहीं विदेशी पूंजी का वास्तविक उपयोग 46 अरब 90 करोड़ डॉलर से 7 खरब 73 अरब 48 करोड़ डॉलर तक बढ़ा। डब्ल्यूटीओ की महानिदेशक न्गोज़ी ओकोंजो-इवेला ने कहा कि चीन दुनिया का सबसे बड़ा निर्यात देश ही नहीं, दूसरा बड़ा माल और सेवा व्यापार का आयात देश भी है। विश्व व्यापार और बहुपक्षीय व्यापारिक व्यवस्था में चीन की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है।

चीन ने अंतर्राष्ट्रीय आयात मेला, आयात और निर्यात मेला, सेवा व्यापार मेला और उपभोक्ता वस्तु मेला आदि के आयोजन के जरिए सहयोग के व्यापक मंच तैयार किए। शी चिनफिंग ने अंतर्राष्ट्रीय आयात मेले के उद्घाटन समारोह में भाषण देते हुए कहा कि खुलापन मानव सभ्यता की प्रगति की महत्वपूर्ण प्रेरक शक्ति है और विश्व समृद्धि व विकास का जरूरत रास्ता है। डब्ल्यूटीओ से केंद्रित बहुपक्षीय व्यापारिक व्यवस्था व्यापार के उदारीकरण और सरलता का आधार है। एक खुली, निष्पक्ष और पारदर्शी बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली सभी देशों के हितों के अनुरूप है। भविष्य में चीन लगातार आपसी लाभ और समान जीत की खुली रणनीति पर कायम रहेगा और बहुपक्षवाद का समर्थन करेगा। चीन विभिन्न देशों के साथ विकास करना चाहता है, ताकि मानव जाति के और सुंदर भविष्य का निर्माण हो सके।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)