हिमाचल में सत्ता परिवर्तन का नया इतिहास रचने के लिए भाजपा की ओर से हुंकार भर रहे CM जयराम ठाकुर

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हिमाचल प्रदेश में हर विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन का इतिहास रहा है, लेकिन इस बार नया इतिहास रचने के लिए बार-बार मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भाजपा की ओर से हुंकार भर रहे हैं। अपने सिराज विधानसभा क्षेत्र के किलाबंदी मजबूत करने के बाद वह एक तरह से निश्चिंत होकर प्रदेश के बाकी विधानसभा क्षेत्रों के तूफानी दौरे कर रहे हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के साथ उनकी बेहतर जुगलबंदी और केंद्रीय नेतृत्व का पूरा आशीर्वाद मिलने से जयराम ठाकुर के हौसले सातवें आसमान पर हैं। इन्हीं हौसलों के दम पर उन्होंने प्रदेश में इस बार रिवाज बदलने की ललकार भरी थी और भाजपा आलाकमान ने भी उनकी इस ललकार को चुनावी नारे में तब्दील कर दिया है। हालांकि पार्टी में टिकट वितरण के दौरान उपजी परिस्थितियों में दर्जन से अधिक सीटों पर भाजपा को बागी उम्मीदवारों का सामना भी करना पड़ रहा है लेकिन इसके बावजूद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर प्रदेश में भाजपा को फिर से सत्ता में लाने के लिए आत्मविश्वास से लैस दिख रहे हैं। उनसे दैनिक सवेरा के ब्यूरो राजीव भनोट की हुई विशेष बातचीत के दौरान उनका आत्मविश्वास साफ तौर पर झलक रहा था।

बातचीत के कुछ अंश:

सवाल-रिवाज बदलने के नारे को लेकर आप कितने आश्वस्त हैं? कहीं यह महज नारा ही तो रह जाएगा ?

उत्तर: हिमाचल प्रदेश में इस बार जमीनी स्थिति बिल्कुल अलग है। डबल इंजन की सरकार ने धरातल पर काम किया है। प्रधानमंत्री मोदी जी का पूरा आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्रदेश को मिलता रहा है और उन्होंने इस प्रदेश में विकास के तोहफे देने में कोई कसर बाकी नहीं रखी। कांग्रेस प्रदेश में बिखरा हुआ कुनबा है और कांग्रेस के भीतर हर जिले से मुख्यमंत्री पद के तलबगार खड़े हो गए हैं। हम पूरी तरह एकजुट होकर चुनाव लड़ रहे हैं। हमारी उपलब्धियां ही हमारा सबसे कारगर हथियार हैं। प्रदेश की जनता का हमें डटकर सहयोग और समर्थन मिल रहा है। आप हमारी रैलियों में उमड़ती भीड़ देख सकते हैं। लोगों के चेहरे का उत्साह बता रहा है कि रिवाज बदलकर रहेगा। हम प्रदेश में एक नया इतिहास रचने वाले हैं।

सवाल: कहा जा रहा है कि कर्मचारियों की नाराजगी सरकार को महंगी पड़ सकती है।

उत्तर: हमारी सरकार ने कर्मचारियों को सर्वाधिक आर्थिक लाभ दिए हैं। वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया है। कर्मचारियों के पेंडिंग मसलों को सुलझाया है। प्रदेश के कर्मचारी कांग्रेस के दुष्प्रचार में आने वाले नहीं हैं। अपने देखना कर्मचारी वर्ग इस चुनाव में भाजपा को अपना डटकर समर्थन देगा। कर्मचारियों को पता है कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार के समय में ही ओल्ड पेंशन स्कीम बंद हुई थी। उसके बाद प्रदेश में कांग्रेस फिर सत्तासीन हुई लेकिन कांग्रेस ने ओपीएस की बहाली नहीं की। अब कर्मचारियों को गुमराह करने की कांग्रेस कोशिश कर रही है लेकिन कर्मचारी गुमराह नहीं होने वाले। ओपीएस का मसला हमारी और केंद्र सरकार ही मिलकर सुलझाएगी ।

सवाल: क्या आपको ऐसा नहीं लगता कि बागी पार्टी की संभावनाओं को चोट पहुंचा रहे हैं।

उत्तर: निश्चित रूप से हर पार्टी में हर विधानसभा क्षेत्र से टिकट के अनेक तलबगार होते हैं लेकिन टिकट तो एक ही व्यक्ति को मिलता है। हमारी पार्टी में भी टिकटों को लेकर कार्यकर्ताओं का बहुत उत्साह था। आलाकमान ने जीत की कसौटी के पैमाने पर खरा उतरने वाले उम्मीदवारों का जो सर्वेक्षण करवाया था, उसी आधार पर टिकट आबंटन हुआ है। हम तो तिहाई बहुमत से फिर से सरकार बनाने जा रहे हैं। कांग्रेस के दावे हवा में ही रह जाएंगे।

सवाल: इस चुनाव में आम आदमी पार्टी से आप कितनी चुनौती समझते हैं?

जवाब: प्रदेश में आम आदमी पार्टी का कोई वजूद नहीं है। यहां कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला है। आम आदमी पार्टी सिर्फ अखबारों की सुर्खियों में ही है। धरातल पर नहीं है। जनता देख रही है कि पंजाब में भी आम आदमी पार्टी ने अपने चुनावी वादे पूरे नहीं किए हैं और हिमाचल प्रदेश में आम आदमी के पार्टी के नेता सिर्फ औपचारिकता निभाने आ रहे हैं।

सवाल: कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश के मतदाताओं को 10 गारंटी दी हैं। कांग्रेस के नेता हर जनसभा में ऐलान कर रहे हैं कि सत्ता में आते ही हर एक गारंटी को पूरा किया जाएगा?

जबाव: बड़ी हैरानी की बात है कि जिस पार्टी की अपनी ही कोई गारंटी नहीं है और जिसका देश के अधिकतर राज्यों से सफाया हो चुका है, वह गारंटी दे रही है। कांग्रेस ने राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी अपने वायदे पूरे नहीं किए। प्रदेश की जनता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और भाजपा की नीतियों पर भरोसा है।