श्रीश्री रविशंकर को गांधी पीस पिलिग्रम पुरस्कार से किया गया सम्मानित

Spread the News

कैथल: वैश्विक आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर द्वारा संचालित संस्था आर्ट ऑफ लिविंग की स्थानीय इकाई द्वारा भारतीय आध्यात्मिक गुरु गुरु देव श्री श्री रविशंकर को प्रतिष्ठित मार्टिन लूथर किंग जूनियर सैंटर फॉर नॉन वॉयलेंट चेंज में गांधी पीस पिलिग्रम पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर हर्ष व्यक्त करते हुए उनके द्वारा दिखाए गए ज्ञानपूर्ण आध्यात्मिक पथ पर चलते रहने का शुभ संकल्प व्यक्त किया गया। आचार्या अल्पना मित्तल ने बताया कि कैलाश भवन, कैथल में आयोजित आचार्या कंचन सेठ के पावन सानिध्य में सम्पन्न गुरु पूजा कार्यक्र म के पश्चात् सभी स्वयंसेवकों द्वारा परमपूज्य गुरु देव श्री श्री रविशंकर को प्रतिष्ठित गांधी पीस पिलिग्रम पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर न सिर्फ एक-दूसरे को बधाई दी गई, अपितु सम्पूर्ण वातावरण हर्षोल्लास में भी परिवर्तित हो गया।

गुरु देव का चित्र मार्टिन लूथर किंग जूनियर चेपल, मोरहाउस कॉलेज प्रांगण, के हॉल ऑफ फेम में लगाया गया जो कि अमरीकन नागरिक अधिकार आंदोलन की पृष्ठभूमि रही। मार्टिन लूथर किंग, जूनियर सेंटर फॉर फॉर नॉन वॉयलेंट सोशल चेंज में गांधी फाउंडेशन ने वैश्विक मानवीय नेता और आध्यात्मिक गुरु गुरु देव श्री श्री रविशंकर को शांति और अहिंसा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को मान्यता देते हुए गांधी पीस पिलिग्रम पुरस्कार से सम्मानित किया । गुरु देव का स्वागत डॉक्टर ईसाक न्यूटन फारी, जर., सीनियर फेलो, एमएलके केंद्र, व डॉक्टर मार्टिन लूथर किंग जूनियर के भांजे और स्वाति कुलकर्णी, भारत की कानसूल जनरल ने किया। गुरु देव संयुक्त राज्य अमेरिका में अपने वैश्विक आई स्टैंड फॉर पीस अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। इसमें पहले से ही यूरोप, मध्य अमेरिका और संयुक्त राज्य अमेरिका में लाखों लोगों ने शांति और अहिंसा के पक्ष में अपनी आवाज को सुनाने के लिए ऐसे समय में रैलियाँ की हैं, जबकि विश्व में ध्रुवीकरण बढ़ रहा है।

बाद में आई स्टैंड फॉर पीस दौरे में, गुरु देव न्यू जर्सी, नॉरफ़ॉक/वर्जीनिया बीच और मेम्फिस की यात्रा करेंगे और सार्वजनिक कार्यक्र मों में स्थानीय समुदाय के हज़ारों सदस्यों को संबोधित करेंगे। मेम्फिस में गुरु देव राष्ट्रीय नागरिक अधिकार संग्रहालय का दौरा भी करेंगे, जो अमेरिका में अहिंसा और सामाजिक परिवर्तन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। गुरु देव का वैश्विक आई स्टैंड फॉर पीस टूर अगले साल वाशिंगटन डीसी के प्रतिष्ठित नेशनल मॉल में मानवता के भव्य उत्सव के साथ समाप्त होगा। डॉ किंग के प्रसिद्ध भाषण आई हैव ए ड्रीम के 60 साल बाद, उसी स्थान से, गुरु देव एक बार फिर वैश्विक शांति और विविधतापूर्ण विश्व में सद्भाव का संदेश देंगे। ऐसे समय में जब समाज तेजी से ध्रुवीकृत हो रहा है, गुरु देव हमें याद दिलाते हैं कि विन्नताओं को न केवल स्वीकार करें बल्कि उनका जश्न मनाएं। विविधता ही सृष्टि का सौंदर्य है। इसे सम्मानित करने, स्वीकार करने और उनका जश्न मनवाने की जरूरत है।