हरियाणा के 30,000 प्राइमरी टीचर लिखेंगे बाल गीत, विद्यार्थियों को दी जाएगी अनूठी शिक्षा

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चंडीगढ़: हरियाणा शिक्षा विभाग ने सुपर-100, ईअधिगम, टेबलेट, स्मार्ट क्लासरूम, स्किल पासबुक जैसे कई कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक पड़ाव पार करने के बाद अब एफएलएन के तहत बच्चों को बाल गीत के जरिए अनूठी शिक्षा देने का निर्णय लिया है। जिसके लिए विभाग ने सभी सरकारी स्कूलों में कार्यरत करीब 30000 प्राइमरी टीचरों को बाल गीत लिखने के लिए प्रेरित किया है। जिसके बाद इन बाल गीतों को कलस्टर, खंड, जिला और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं करवाकर प्रकाशित करवाया जाएगा।फिर बाद में उन्हीं बाल गीतों के माध्यम से सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को अनूठी शिक्षा देकर ट्रेंड किया जाएगा। दरअसल, शिक्षा विभाग का मानना है कि अकसर गांव, जिले, तहसीलों के नाम, नदियां, सागर, पहाड़ और महाद्वीपों के नाम बाल गीतों में पिरोकर बताए जाते हैं।

यहां तक भारत के महान वीरों, वीरांगनाओं, गणमान्य विभूतियों के नाम भी बाल गीतों से बनाए जाते हैं। फिर कविताओं के माध्यम से विद्यार्थी इन्हें गुनगुनाते भी हैं। ऐसे ही अगर गणित की बात करें तो गिनती, पहाड़े, भार, रुपये-पैसे, आकृति, क्षेत्रफल, लंबाई, पास-दूर की अवधारणा के लिए भी अनेक बाल गीत हैं। विभाग द्वारा संचालित किए गए अध्यापक प्रशिक्षक कार्यक्रम में बाल गीतों को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। जिसके फलस्वरूप कुछ बाल गीत लिखने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से एक प्रतियोगिता का आयोजन करवाया जाएगा। कलस्टर स्तर पर 1415 पुरस्कारों के लिए 2000 रुपये प्रति कलस्टर, खंड स्तर पर 119 पुरस्कारों के लिए 10 हजार रुपए प्रति खंड और जिला स्तर पर 22 पुरस्कारों के लिए 30000 रुपए प्रति जिला दिया जाएगा।