सीओपी 27 चाइना पविल्यन ने जलवायु परिवर्तन पर दक्षिण-दक्षिण सहयोग का उच्च स्तरीय मंच आयोजित किया

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संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन ढांचागत संधि के हस्ताक्षरकर्ताओं के 27वें सम्मेलन (सीओपी27) के चाइना पविल्यन ने 14 नवंबर को जलवायु परिवर्तन पर दक्षिण-दक्षिण सहयोग का उच्च स्तरीय मंच आयोजित किया। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के विशेष प्रतिनिधि, चीन के जलवायु परिवर्तन मामलों पर विशेष दूत श्ये चेंगहुआ, चीन के जलवायु परिवर्तन वार्ता प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख, चीनी पारिस्थितिकी और पर्यावरण मंत्रालय के उप मंत्री चाओ यिंगमिन ने मंच के उद्घाटन समारोह में भाग लिया और भाषण दिया।

श्ये चेंगहुआ ने अपने भाषण में कहा कि विकासशील देश जलवायु परिवर्तन के सबसे बड़े शिकार हैं और जलवायु परिवर्तन से निपटने की उनकी क्षमता कमजोर है और उन्हें अपर्याप्त समर्थन मिले हैं। इसलिए विकासशील देशों को विशेष रूप से तकनीकी और वित्तीय सहायता की आवश्यकता होती है।चाओ यिंगमिन ने अपने भाषण में कहा कि एक विकासशील देश और एक जिम्मेदार प्रमुख देश के रूप में चीन हमेशा जलवायु परिवर्तन पर दक्षिण-दक्षिण सहयोग का सक्रिय समर्थक और व्यावहारिक अभ्यासी रहा है। अब तक चीन ने 38 विकासशील देशों के साथ 45 जलवायु परिवर्तन सहयोग दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए हैं, 3 कम कार्बन प्रदर्शन क्षेत्र निर्माण परियोजनाओं को लागू किया है, 42 जलवायु परिवर्तन न्यूनीकरण और अनुकूलन परियोजनाओं को अंजाम दिया। और चीन में जलवायु परिवर्तन के मुकाबले पर दक्षिण-दक्षिण सहयोग की कुल 45 ऑफ़लाइन प्रशिक्षण कक्षाएं और 7 ऑनलाइन प्रशिक्षण कक्षाएं आयोजित हुईं।

जिससे 120 से अधिक विकासशील देशों के लिए जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में लगभग 2 हज़ार अधिकारियों और तकनीशियनों को प्रशिक्षित किया गया है। जलवायु परिवर्तन पर चीन के दक्षिण-दक्षिण सहयोग के परिणाम देखे जा सकते हैं और प्रभावी भी हैं, जिन्हें व्यापक विकासशील देशों की ओर से प्रशंसा मिली है। संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन ढांचागत संधि के सचिवालय के कार्यकारी सचिव साइमन स्टील ने कहा कि पेरिस समझौते में निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए दक्षिण-दक्षिण सहयोग आवश्यक है। दक्षिण-दक्षिण सहयोग के माध्यम से हम एक अधिक समावेशी, लचीला और सतत् भविष्य का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने दक्षिण-दक्षिण सहयोग में चीन सरकार के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि विशेष रूप से चीन और संयुक्त राष्ट्र विकास व योजना कार्यक्रम द्वारा स्थापित दक्षिण-दक्षिण सहयोग सहायता कोष ने अत्यधिक जलवायु आपदाओं के बाद कई देशों की बहाली और पुनर्निर्माण में समर्थन प्रदान किया।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)