आज भारत को दुनिया आशाभरी निगाहों से देखती है: कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर

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पीथमपुर: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आज पीथमपुर में महिंद्रा एंड महिंद्रा के पहले ग्रीनफील्ड फार्म मशीनरी प्लांट का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत इस मुकाम पर पहुँच गया है कि दुनिया आशाभरी निगाहों से हमें देखती है। देश को पूर्ण विकसित बनाने के लिए हमें टेक्नोलॉजी से पूरी तरह सुसज्जित होना पडेगा। तोमर ने कहा कि आज हर जगह लोग दिखाते है कि ये मेक इन इंडिया है। हम भारतीय हैं, ये हमारे लिए गौरव की बात है। हमारे उत्पाद हमें गौरवान्वित करें, यह और भी गर्व की बात है। ये बात हमारे प्रधानमंत्री के काम करने की स्प्रिट को भी दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि मेकेनाइजेशन और टेक्नोलॉजी की आज बहुत आवश्यकता है। देश-दुनिया की आबादी निरंतर बढ़ रही है, जलवायु परिवर्तन की चुनौती भी हमारे समक्ष है। हमें न केवल हमारा उत्पादनउत्पादकता बढ़ाना है, बल्किघरेलू के साथ ही अन्य देशों को भी मानवीयता के नाते आपूर्ति करना है, जिसके लिए और भी काफी काम करना होगा। तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी व्यापक दूरदृष्टि के कारण गरीबों के जन-धन बैंक खाते खुलवाएं, जिनमें आज 1.46 लाख करोड रु पए जमा है, जिससे अर्थव्यवस्था का चक्र तेजी से घूम रहा है। इसी तरह पीएम ने शौचालय बनाने का अभियान चलाया और देश को ओडीएफ मुक्त करवाने के साथ ही वैश्विक रैंकिंग में आगे बढ़ाया। उन्होंने गरीब महिलाओं के खातों में लिक्विड मनी उपलब्ध करवाई, कोरोना के संकटकाल में 80 करोड़ गरीबों को मुफ्त राशन वितरण किया।

मोदी का मानना है कि देश की इस आधी आबादी का विकास किए बगैर भारत को विकसित बनाने का सपना पूरा नहीं हो सकता। उनके द्वारा किए जा रहे ये कार्य ऐतिहासिक है, जिनका दूर तक सकारात्मक असर होगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज क्वालिटी परखने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। ब्रांडिंग और क्वालिटी की विश्वसनीयता देशदुनिया में बढ़ रहीहैं। ऐसे में कृषि उपकरणों की दृष्टि से इस प्रकार समग्रता से निर्माण महिंद्रा एंड महिंद्रा द्वारा किया गया पहला अभिनव प्रयोग है। इस कंपनी के द्वारा फार्म उपकरणों के निर्यात का लक्ष्य भी रखा गया है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि हमारी बादशाहत पूरी दुनिया में हो। घरेलू जरु रतों की पूर्ति के साथ ही दुनिया को भी आपूर्ति करने से भारत विकसित होगा और विश्व गुरू के रूप में भी ख्याति कायम होगी। तोमर ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि 21वीं सदी भारत की होगी, इसे सिद्ध करने में हमारा अपना योगदान भी होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता जताई कि विदेश में उच्च शिक्षा और अच्छे जॉब के बाद भी अनेक युवा आज भारत वापस आकर खेती की ओर आकर्षित हुए हैं।