शी चिनफिंग ने जी20 की 17वीं शिखर बैठक में महत्वपूर्ण भाषण दिया

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मंगलवार को जी20 की 17वीं शिखर बैठक इंडोनिशिया के बाली द्वीप में आयोजित हुई ।चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने इसमें भाग लेकर युग की चुनौती का सामना कर एक साथ बेहतर भविष्य रचें नामक महत्वपूर्ण भाषण दिया। शी चिनफिंग ने बल दिया कि जी20 समूह के सभी सदस्य विश्व और क्षेत्र के बड़े देश हैं ।उनको बड़े देश की जिम्मेदारी उठाकर रोल मॉडल की भूमिका निभाकर विभिन्न देशों के विकास ,मानव कल्याण और विश्व की प्रगति में प्रयास करना चाहिए । उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों को मानव साझे भविष्य वाले समुदाय की अवधारणा का पालन कर शांति ,विकास ,सहयोग व समान जीत की वकालत करनी चाहिए, ताकि एकजुटता ,सहयोग व समावेश विभाजन ,मुकाबले और बहिष्कार की जगह लें ।हमें एक साथ इस युगांतर मुद्दे का समाधान करना चाहिए कि विश्व में क्या हो रहा है और हमें क्या करना चाहिए। हमें एक साथ कठिनाइयों को दूर कर भविष्य रचना चाहिए ।

उन्होंने कहा कि हमें अधिक समावेशी वैश्विक विकास बढ़ाना चाहिए ।एकता शक्ति है और विभाजन से कोई रास्ता नहीं निकलेगा ।आधुनिकीकरण किसी देश का विशेषाधिकार नहीं है ।अग्रसर रहने वाले देशों को सदिच्छा से अन्य देशों के विकास में सहायता करना और अधिक वैश्विक सार्वजनिक उत्पाद प्रदान करना चाहिए ।चीन 100 से अधिक देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ वैश्विक विकास पहल बढ़ा रहा है ।हम अधिक लचीला वैश्विक विकास बढ़ाएंगे ।हमें वैश्विक आर्थिक बहाली साझेदारी की स्थापना करनी ,विकास पर प्राथमिकता देनी और जनता से केंद्रित रहना चाहिए ।चीन जी20 ग्रुप में अफ्रीकी संघ की हिस्सेदारी का समर्थन करता है ।उन्होंने बल दिया कि हमें विश्व व्यापार संगठन से केंद्रित बहुपक्षीय व्यापार तंत्र का समर्थन कर डब्ल्यूटीओ के सुधार और व्यापार व निवेश के मुक्तिकरण तथा सुविधाकरण को बढ़ाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि खाद्य व ऊर्जा सुरक्षा वैश्विक विकास में सबसे नाजुक चुनौती है ।विभिन्न देशों को सहयोग साझेदारी की स्थापना कर खुला ,स्थिर और निरंतर मुख्य वस्तुओं का बाजार निर्मित करना चाहिए । उन्होंने अंत में बल दिया कि चीन अविचल रूप से शांतिपूर्ण विकास के रास्ते पर चलेगा और चीनी स्टाइल वाले आधुनिकीकरण से चीनी राष्ट्र के महान पुनरुत्थान को बढ़ाएगा । एक निरंतर आधुनिकीकरण की ओर बढ़ रहा चीन निश्चय ही विश्व के लिए अधिक मौके प्रदान करेगा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग में अधिक मजबूत शक्ति डालेगा और मानव की प्रगति के लिए अधिक योगदान देगा ।

 

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)