हरित और कम कार्बन-उत्सर्जन वाला विकास विश्व अनवरत विकास के लिए ज्यादा अवसर देगा

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ईएसजी यानी पर्यावरण, समाज और शासन की दृष्टि से व्यवसाय संचालन की स्थिरता और सामाजिक मूल्य पर प्रभाव का मूल्यांकन करता है। चीन की 14वीं पंचवर्षीय योजना में कहा गया है कि आर्थिक और सामाजिक विकास में नई विचारधारा का कार्यान्वयन करना चाहिए, ताकि उच्च गुणवत्ता वाला विकास और अर्थव्यवस्था व समाज का हरित व कम कार्बन-उत्सर्जन वाला रूपांतरण बढ़ाया जा सके। इससे ईएसजी के चीन में कार्यान्वयन को अवसर मिला है। चीनी विशेषता वाली ईएसजी व्यवस्था की स्थापना अर्थव्यवस्था का उच्च गुणवत्ता वाला विकास बढ़ाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

विकास की नई स्थिति में ईएसजी का निर्माण और चरम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन व कार्बन तटस्थता का लक्ष्य हासिल करना उद्यमों के लिए अनवरत विकास का अहम मार्ग है।चीन के शांगहाई में आयोजित दूसरे चीन ईएसजी और अनवरत विकास शिखर सम्मेलन का विषय है, ग्रीनहाउस गैस का उत्सर्जन प्रबंधन और उपभोक्ता वस्तु उद्योग में ईएसजी का प्रबंधन। सरकारी संगठनों, विशेषज्ञों और संबंधित कंपनियों के अधिकारियों ने ईएसजी और अनवरत विकास पर विचार-विमर्श किया। आर्थिक विकास और ऊर्जा की खपत के बीच घनिष्ठ संबंध है। स्थिर आर्थिक विकास के चलते ऊर्जा की मांग में काफी वृद्धि होगी। चीन में कोयले पर आधारित ऊर्जा खपत की संरचना है। इस स्थिति में कार्बन तटस्थता और स्थिर आर्थिक विकास का संतुलित विकास बहुत महत्वपूर्ण है। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कहा कि चरम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन व कार्बन तटस्थता का लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं है। कम कार्बन उत्सर्जन का मतलब उत्पादन क्षमता में कटौती या शून्य उत्सर्जन नहीं, बल्कि पारिस्थितिकी को प्राथमिकता देने वाला हरित और कम कार्बन-उत्सर्जन के विकास का रास्ता अपनाना है। आर्थिक विकास में हरित रूपांतरण को बढ़ाया जाता है, वहीं हरित रूपांतरण में और अधिक विकास किया जाएगा। यह अनवरत विकास के लिए दीर्घकालिक योजना है।

हरित विकास और कम कार्बन-उत्सर्जन वाला रूपांतरण विश्व आर्थिक संरचना में समायोजन का अहम रुझान बन गया है। इससे विश्व अर्थव्यवस्था के अनवरत विकास के लिए ज्यादा अवसर दिए जाएंगे। शी चिनफिंग ने कहा कि हरित विकास और कम कार्बन-उत्सर्जन वाला रूपांतरण एक व्यवस्थित काम है, जिसे चतुर्मुखी तौर पर बढ़ावा देना चाहिए। दुनिया में बड़ा परिवर्तन होने की स्थिति में चीन द्वारा हरित विकास और कम कार्बन-उत्सर्जन वाला रूपांतरण बढ़ाना न सिर्फ अपने सतत और स्वस्थ आर्थिक विकास के लिए लाभदायक है, बल्कि विश्व आर्थिक पुनरुत्थान में भी इससे नई उम्मीद जगेगी।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)